Hindu Janajagruti Samiti:हिंदू जनजागृति समिति और हिंदू राष्ट्र सेना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अन्य धर्मों में गए 5 लोगों ने विधिवत और स्वेच्छा से पुनः हिंदू धर्म में प्रवेश किया। इस मौके पर हिंदू जनजागृति समिति ने इस तिथि को प्रतिवर्ष ‘राष्ट्रीय शुद्धीकरण दिवस’ के रूप में मनाने का आवाहन किया।(Hindu Janajagruti Samiti)
‘गजवा-ए-हिंद’ के विरोध और ‘भगवा-ए-हिंद’ का आवाहन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू जनजागृति समिति के राज्य संगठक सुनील घनवट ने कहा कि धोखे और ‘लव जिहाद’ के माध्यम से हो रहे धर्मांतरण को रोकने के लिए हिंदू समाज को संगठित होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज ने अमानवीय अत्याचार सहकर भी धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया, वही निष्ठा आज प्रत्येक हिंदू को अपनानी होगी। उन्होंने ‘गजवा-ए-हिंद’ का प्रखर विरोध करते हुए ‘भगवा-ए-हिंद’ के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया और धर्मांतरित हिंदुओं के लिए स्वधर्म के द्वार सदैव खुले रखने की बात कही।(Hindu Janajagruti Samiti)
सर्वेश मेंहदले ने दी चेतावनी
हिंदू राष्ट्र सेना के रवि गोणे और सामाजिक विश्लेषक सर्वेश मेंहदले ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे। सर्वेश मेंहदले ने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर हो रहे धर्मांतरण से कई क्षेत्रों में हिंदू समाज अल्पसंख्यक होता जा रहा है, जो राष्ट्र और धर्म के अस्तित्व पर गंभीर प्रहार है। वहीं, रवि गोणे ने बताया कि प्रबोधन के माध्यम से कई धर्मांतरित लोग स्वधर्म में लौटने के इच्छुक हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक वापस लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।(Hindu Janajagruti Samiti)
स्वधर्म की महानता और धर्मरक्षा का संकल्प
श्रीक्षेत्र तुलजापुर के महंत मावजीनाथ महाराज और धर्माधिकारी प्रसाद पंडित ने भी उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया। श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए महंत मावजीनाथ महाराज ने कहा कि स्वधर्म में रहना ही कल्याणकारी है और मोक्ष की प्राप्ति केवल सनातन धर्म में ही संभव है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज और धर्मवीर संभाजी महाराज की प्रेरणा से संगठित होकर धर्मरक्षा, जनजागृति और शुद्धीकरण के कार्य को और अधिक गति से आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।(Hindu Janajagruti Samiti)

