Pollution: दीवाली की रात पटाखे, आतिशबाजियों व अन्य उत्सव गतिविधियों के कारण दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता अचानक गिर गई । दिल्ली में वायु की गुणवत्ता को मापने के लिए स्थापित 38 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 36 स्टेशन रेड जोन में पहुंच गए है जबकि चार स्टेशनों में एक AQI 400 से ऊपर बेहद खराब श्रेणी में दर्ज हुआ है । इस समय दिल्ली की हवा का एक्यूआई 333 है, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।(Pollution)
एक रिसर्च के अनुसार दिवाली के समय पटाखों के कारण PM 2.5 और अन्य प्रदूषण तत्वों में बहुत तेजी वृद्धि होती है । एक अध्ययन में दिवाली के दौरान PM 2.5 की मात्रा सामान्य समय से लगभग 16 गुना तक अधिक पहुंच गई थी । इसके अलावा दीवाली के बाद मौसम की स्थिति कम तापमान ,कम वायु गति और आसपास राज्यों में पराली जलाने से दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है । दीवाली उत्सव के दौरान पटाखों के उपयोग के चलते दिल्ली में वायु प्रदूषण अचानक बढ़ जाता है ।(Pollution)
डबल इंजन सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) तथा कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बिगड़ने पर ग्रेड रिस्पांस एक्शन प्लान जीआरएपी के तहत विभिन्न चरणों की कार्रवाई शुरू की है । उदाहरण के लिए अगर स्टेज 2 लागू किया गया है। अब एक्यूआई 300 पर है । पटाखे के मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप ग्रीन क्रैकर्स सर्टिफाइड के उपयोग को बढ़ावा दिया गया।(Pollution)
विंटर एक्शन प्लान 2025 -26 तैयार
दिल्ली सरकार ने 25 बिंदु वाला विंटर एक्शन प्लान 2025 -26 तैयार किया है । इसमें धूल नियंत्रण, वायु के उत्सर्जन पर निगरानी, औद्योगिक बेस्ट बर्निंग की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी आदि शामिल है । इस प्लान के अंतर्गत 86 यांत्रिक रोड स्वीपर, 300 वॉटर स्प्रिंकलर, 362 एंटी स्मोक गन, वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करना । निर्माण परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य करना शामिल है । दिवाली के बाद पटाखा जनित कचरा को वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र में भेजने की व्यवस्था की गई है ।(Pollution)
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सर्दियों में हमेशा बड़ी चुनौती
दिल्ली हर साल अनुभव करती है दीवाली के बाद सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता और अधिक खराब होती है । तापमान गिरने लगता है। हवा की गति कम हो जाती है। जिससे वायु नहीं बह पाती और प्रदूषण स्थानीय स्तर पर जमा रहता है । आसपास के राज्य उत्तर भारत में कृषि अवशेष को जलाने की घटनाएं बढ़ जाती है । जिस कारण धूल उत्सर्जन बढ़ते हैं । दिवाली का प्रदूषण में मौसम में मिलकर जोखिम बढ़ा देता हैं । इस बार दिल्ली सरकार ने विंटर प्लान तेजी से लागू किया है दिल्ली की भाजपा सरकार इस को लेकर गंभीर है ।(Pollution)

