Maharashtra: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के ऐतिहासिक पावनखिंड परिसर में तिथि के अनुसार नरवीर बाजीप्रभु देशपांडे और फुलाजीप्रभु देशपांडे के बलिदान दिवस के अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति की ओर से ‘पावनखिंड अभियान’ का सफल आयोजन किया गया। भारी मूसलाधार बारिश के बावजूद सैकड़ों शिवप्रेमियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पन्हाला स्थित नरवीर शिवा काशीद की समाधि पर श्रद्धापूर्वक पुष्पहार अर्पित कर की गई। इस दौरान ‘जय भवानी, जय शिवाजी’, ‘नरवीर बाजीप्रभु देशपांडे की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से संपूर्ण पावनखिंड घाटी गूंज उठी।(Maharashtra)
ऐतिहासिक वीरों के वंशजों की विशेष उपस्थिति
इस पावन अभियान में छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी मावलों के वंशजों ने विशेष रूप से शिरकत की। नरवीर बाजीप्रभु देशपांडे के वंशज श्री संदेश देशपांडे एवं श्री नीलेश देशपांडे, सरदार कमलोजी सालुंखे के वंशज श्री सुहासदादा सालुंखे तथा नरवीर शिवा काशीद के वंशज श्री आनंदराव काशीद की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर शिवा काशीद के वंशज आनंदराव काशीद ने कहा कि जिस पावनखिंड की माटी में अनगिनत वीरों ने अपना रक्त बहाकर बलिदान दिया है, उनके त्याग से प्रेरणा लेकर इतिहास को केवल याद न रखें, बल्कि उसे अपने आचरण में भी उतारें।(Maharashtra)
“अटक से जिंजी तक के स्वराज्य से लें प्रेरणा” – रमेश शिंदे
हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज्य में पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक और व्यवस्था विकसित की गई थी। शिवछत्रपति का साम्राज्य ‘अटक से जिंजी’ तक लगभग 1500 किलोमीटर में फैला हुआ था। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी हम अपने ‘स्व’ आधारित राज्य का निर्माण पूरी तरह नहीं कर पाए हैं। हमें बाजीप्रभु देशपांडे, शिवा काशीद और फुलाजीप्रभु जैसे महान मावलों का आदर्श सामने रखकर हिंदू राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लेना होगा।(Maharashtra)
संघर्ष से ही संभव है रामराज्य और हिंदू राष्ट्र की स्थापना
कार्यक्रम में सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके मावलों ने अपार संघर्ष के बल पर हिंदवी स्वराज्य की नींव रखी थी। हिंदू राष्ट्र का निर्माण भी बिना संघर्ष और साधना के संभव नहीं है। उन्होंने रामराज्य की पुनर्स्थापना के लिए सभी से प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का नामजप करने का आह्वान किया।(Maharashtra)
शिवकालीन शस्त्र प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष के अभियान का विशेष आकर्षण छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के पराक्रमी सरदार कमलोजी सालुंखे द्वारा युद्ध में इस्तेमाल की गई ऐतिहासिक तलवार और शिवकालीन ‘पट्टा’ रहा, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं और शिवप्रेमियों के दर्शनार्थ प्रदर्शित किया गया था। इस दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहर को देखकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गया।(Maharashtra)
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हिंदू राष्ट्र की शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन
अभियान के दौरान मल्लिकापुर की नगर अध्यक्षा श्रीमती रश्मि कोठावले, पार्षद महेश कोठावले, सरपंच चंद्रकांत पाटिल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महेश विभूते, हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष विकास जाधव, सनातन संस्था के डॉ. मानसिंग शिंदे और हिंदू जनजागृति समिति के श्री शिवानन्द स्वामी समेत विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पन्हाला और पावनखिंड की पवित्र धारा पर ‘हिंदू राष्ट्र’ की स्थापना की सामूहिक शपथ लेकर किया गया।(Maharashtra)

