Nitin Gadkari को कोर्ट से बड़ी राहत, इस मामले से जुड़े डीपफेक और AI कंटेंट हटाने के निर्देश

बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिवार को राहत देते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक और आपत्तिजनक AI सामग्री को हटाने का आदेश जारी किए हैं।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिवार को राहत देते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक और आपत्तिजनक AI सामग्री को हटाने का आदेश जारी किए हैं। बुधवार (05 अगस्त, 2026) को कोर्ट ने Meta और गूगल जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स को E20 ईंधन मामले से जुड़े सभी डीपफेक वीडियो और AI से तैयार तस्वीरों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया हैं। (Nitin Gadkari)

मामला क्या है?
दरअसल, नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर उन फर्जी वीडियो और पोस्ट को चुनौती दी थी, जिनमें उन्हें और उनके परिवार पर सरकार के E20 इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। इन पोस्ट्स में उनके बेटे निखिल गडकरी (Nikhil Gadkari) और एक कंपनी ‘सिएन एग्रो इंडस्ट्रीज’ (CIAN Agro Industries) को इस नीति से फायदा पहुंचाने के दावे किए गए थे। गडकरी ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि यह नीति पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आती हैं और उनका इसमें इसमें कोई निजी स्वार्थ नहीं है। (Nitin Gadkari)

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कोर्ट की मुख्य बातें (Nitin Gadkari)
इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस आरिफ डॉक्टर की एकल पीठ ने इन वीडियो और तस्वीरों को ‘अशोभनीय और अपमानजनक’ बताया और कहा कि इस तरह के सामग्री को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं मिलनी चाहिए।

कोर्ट ने साफ किया कि यह आदेश सही और निष्पक्ष आलोचना पर प्रभावी नहीं होगा।

कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में ऐसा कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री सामने आता है, तो वादी इसकी जानकारी संबंधित प्लेटफॉर्म्स को देंगे, जिन्हें तुरंत कार्रवाई करनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी।

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