Nivedita Menon: जेएनयू (JNU) की पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में हैं। हाल ही में पत्रकार मंदीप पुनिया के यूट्यूब चैनल पर दिए गए एक इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने उनके बयान को भारत, उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं और सनातन परंपरा का अपमान बताया है। वहीं कुछ लोगों ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और देशद्रोह जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई है।
इंटरव्यू में निवेदिता मेनन ने छात्र आंदोलनों, अल्पसंख्यकों की स्थिति और देश की राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी राय रखते हुए भारत के लिए “मनहूस देश” शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक विरोध शुरू हो गया। आलोचकों का कहना है कि एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से जुड़ी रही पूर्व प्रोफेसर द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग न केवल देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को भी आहत करता है।
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इंटरव्यू के दौरान उन्होंने विभिन्न छात्र आंदोलनों, सीजेपी (CJP), राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार की नीतियों की भी आलोचना की। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने लोकतंत्र और जवाबदेही के मुद्दों पर अपनी वैचारिक राय रखी है, जबकि विरोधियों का आरोप है कि उनके बयान भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाले हैं।
उनकी टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर कई संगठनों और लोगों ने सवाल उठाए कि क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्र और उसकी सांस्कृतिक पहचान के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य होना चाहिए। इसी के साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी तेज हुई है।
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हालांकि, इस मामले में अब तक किसी सक्षम जांच एजेंसी या अदालत द्वारा यह घोषित नहीं किया गया है कि उनके बयान किसी आपराधिक अपराध या देशद्रोह की कानूनी परिभाषा में आते हैं। देशद्रोह या अन्य दंडनीय अपराधों से संबंधित कोई भी कार्रवाई संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायालय के निर्णय के आधार पर ही तय होगी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे राष्ट्र और सांस्कृतिक अस्मिता का अपमान मानते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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