उत्तराखंड आपदाः लापता लोगों में से कुछ लोग यहां मिले सुरक्षित!

रैणी गांव में मजदूरों का एक समूह एक टेंपररी हेलीपैड पर सुरक्षित पाया गया है।

उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 25 किलोमीटर दूर पैंग गांव में ग्लेशियर फटने से अब तक 34 लोगों की मौत हो गई है, जबकि टनल-2 में अभी भी करीब 35 लोगों के फंसे होने की संभावना जताई जा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद बचाव दल टनल-2 में फंसे लोगों तक पहुंचने में सफल नहीं हो पाया है। इस बीच एक अच्छी खबर है। मजदूरों का एक समूह एक टेंपररी हेलीपैड पर सुरक्षित पाया गया है। पिछले तीन दिनों से ये इस हेलीपैड पर बचाव दल की मदद का इंतजार कर रहे थे। प्रशासन की लिस्ट में इनके नाम लापता लोगों में शामिल थे।

तीन दिनों से कर रहे थे बचाव दल का इंतजार
ग्लेशियर फटने के बाद आई आपदा के कारण रैणी गांव के इस हेलीपैड का संपर्क राज्य के अन्य भागों से टूट गया था और तब से ये यहां प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकाले जाने का इंतजार कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार ये मजदूर उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों के रहनेवाले हैं। जोशीमठ से इस क्षेत्र के संपर्क टूटने के बाद प्रशासन ने इन्हें लापता बताया था। यहां तक कि यहां नेटवर्क बंद होने के कारण ये किसी से संपर्क करने में भी नाकाम थे।

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परिवार में खुशी की लहर
अब प्रशासन की मदद से ये यहां से सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। इनका कहना है कि यहां से निकलने के बाद जब इन्होंने अपने परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया था कि वे आपदा के दिन से ही लापता हैं। लेकिन जब उनके परिवार को इनके सुरक्षित होने की खबर मिली, तो वे बेहद खुश हो गए।

प्रभावितों को दिया गया राशन
आईटीबीटी ने आसपास के लोगों में राशन वितरित किया। पीड़ीतों का कहना है कि आखिर वे कब तक सरकारी राशन पर निर्भर रह सकते हैं। उनके लिए सरकार को कोई ठोस कदम उठाने चाहिए।

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