NEET-UG Exam: देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET-UG’ के पारदर्शी संचालन को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अहम जानकारी दी है। सरकार ने अदालत को अवगत कराया है कि वह मेडिकल दाखिले की प्रक्रिया में विश्वसनीयता बढ़ाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए इसे दो चरणों (Two-Stage Format) में आयोजित करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है।(NEET-UG Exam)
JEE की तर्ज पर प्रिलिम्स और मेन्स मॉडल
प्रस्तावित योजना के तहत NEET-UG को भी इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा (JEE Main और JEE Advanced) की तर्ज पर पुनर्गठित किया जा सकता है। पहले चरण में स्क्रीनिंग (प्रिलिम्स) परीक्षा होगी, जिससे योग्य उम्मीदवारों की छंटनी की जाएगी। इसके बाद केवल शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थी ही मुख्य (मेन्स) परीक्षा में शामिल होंगे, जिससे पूरी परीक्षा प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और नियंत्रित हो सकेगी।(NEET-UG Exam)
पेपर लीक और धांधली पर कसेगा शिकंजा
पिछले कुछ समय से NEET-UG में पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और फर्जीवाड़े के आरोपों के कारण परीक्षा एजेंसी (NTA) पर सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दो-स्तरीय परीक्षा मॉडल लागू होने से सुरक्षा के मानक बेहद मजबूत होंगे और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को खतरे में डाले बिना परीक्षा संपन्न कराना आसान हो जाएगा।(NEET-UG Exam)
छात्रों और परीक्षा केंद्र प्रबंधन पर असर
यदि यह प्रस्ताव अमल में आता है, तो करोड़ों मेडिकल एस्पिरेंट्स की तैयारी रणनीति में बड़ा बदलाव आएगा। दो चरणों की परीक्षा से न केवल परीक्षा केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा निगरानी आसान होगी, बल्कि केवल गंभीर और योग्य छात्र ही अंतिम चरण की प्रतिस्पर्धा तक पहुंच सकेंगे, जिससे मेरिट लिस्ट की साख मजबूत होगी।(NEET-UG Exam)
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उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों का इंतजार
केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति (High-Level Committee) परीक्षा प्रणाली में सुधारों के लिए विभिन्न हितधारकों से सुझाव ले रही है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की इस प्रतिक्रिया के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि NTA और शिक्षा मंत्रालय जल्द ही नए परीक्षा पैटर्न का आधिकारिक खाका तैयार कर नोटिफिकेशन जारी करेंगे।(NEET-UG Exam)

