सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग से रेप के मामले में सजा काट रहे आसाराम को बड़ा झटका दिया है। गुरुवार (6 अगस्त, 2026) को शीर्ष अदालत ने स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अंतरिम जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने उनकी खराब सेहत को देखते हुए जेल के अंदर ही चौबीसों घंटे अपनी पसंद का ट्रेंड केयरटेकर (देखभाल करने वाला) रखने की अनुमति दे दी है। (Asaram Bapu)
#BreakingNews
Supreme Court declines medical bail to Asaram but allows him to have caretaker in jailRead here: https://t.co/1604P0t3fa pic.twitter.com/CHEzCWTCHA
— Bar and Bench (@barandbench) August 6, 2026
AIIMS की रिपोर्ट पर हुआ फैसला
जस्टिस एमएम सुंदरेश (MM Sundresh) और जस्टिस पीबी वराले (PB Varale) की बेंच ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट पर गौर किया। रिपोर्ट में बताया गया था कि फिलहाल आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनकी उम्र और सेहत को देखते हुए उन्हें निरंतर मेडिकल सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनकी स्थिति ज्यादा बिगड़ती है, तो वह दोबारा जमानत के लिए याचिका दाखिल कर सकते हैं। (Asaram Bapu)
जमानत याचिका का कड़ा विरोध
सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पिछली बार अंतरिम राहत मिलने के दौरान आसाराम ने काशी विश्वनाथ और अयोध्या की यात्राएं की थीं। साथ ही, यह मुद्दा भी उठाया गया कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका लंबित होने के बावजूद उन्होंने हाईकोर्ट से पैरोल के लिए आवेदन किया था। (Asaram Bapu)
यह भी पढ़ें: Praveen Nettaru Murder Case: NIA की बड़ी सफलता, एक और फरार इनामी आरोपी उमर अरेस्ट
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा कानूनी विवाद साल 2013 के जोधपुर स्थित आश्रम के एक मामले से जुड़ा है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप सिद्ध हुआ था। ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद इस साल मई में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा को बरकरार रखा था, जिसके खिलाफ आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। (Asaram Bapu)
यह भी देखें
Join Our WhatsApp Community
