Ayushman Bharat Scam: महाराष्ट्र राज्य में सरकारी हेल्थ स्कीम ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (PMJAY) और ‘महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना’ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और गलत काम हुए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि 2024 और 2026 के बीच 15,407 संदिग्ध हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम फाइल किए गए थे। इस गड़बड़ी की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की पूरी जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। (Ayushman Bharat Scam)
मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में मीटिंग
बुधवार को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले डिस्ट्रिक्ट सिविल सर्जन और डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर को सभी 15,407 मामलों में बेनिफिशियरी का फिजिकल वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया था। साथ ही, 10 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की अध्यक्षता में हुई एक रिव्यू मीटिंग में यह पाया गया कि ये गड़बड़ियां कई जिलों में फैली हुई थीं। इसके बाद मामले की पूरी जांच के लिए एक SIT बनाने का फैसला किया गया। (Ayushman Bharat Scam)
प्रवीण गेडाम बने SIT चेयरमैन
सरकार ने नासिक डिविजनल कमिश्नर प्रवीण गेडाम (Praveen Gedam) को SIT का चेयरमैन बनाया है। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के डिप्टी सेक्रेटरी को मेंबर सेक्रेटरी बनाया गया है। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट डॉक्टरों की सर्विस भी देगा। SIT हॉस्पिटल लेवल पर गड़बड़ियों की जांच करेगी, जिसमें फ्रॉड या मेडिकली गैर-जरुरी क्लेम, इलाज के तरीकों का बढ़ा हुआ खर्च, हॉस्पिटल की लिस्टिंग और रिन्यूअल में गड़बड़ियां, मरीज के रजिस्ट्रेशन के दौरान बिना इजाजत वाले लोगों या बिचौलियों का रोल, एक ही मोबाइल नंबर या पहचान पत्र के आधार पर बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन और इन स्कीमों में शामिल डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, थर्ड-पार्टी ऑर्गनाइज़ेशन और दूसरे स्टेकहोल्डर का संभावित शामिल होना शामिल है। (Ayushman Bharat Scam)
30 दिनों के अंदर देना होगा रिपोर्ट
सरकार ने दोनों हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत अस्पतालों के पैनल सिलेक्शन, क्लेम मंजूरी और मॉनिटरिंग सिस्टम में कमियों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सुधार के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी दी है। सरकारी आदेश के अनुसार, SIT को अपनी स्थापना की तारीख से 30 दिनों के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी होगी। स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (SHAS) जांच के लिए जरुरी टेक्निकल सपोर्ट और मैनपावर देगी। SIT के रोजाना के खर्चे भी एजेंसी के एडमिनिस्ट्रेटिव बजट से पूरे किए जाएंगे। (Ayushman Bharat Scam)
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हर साल 5 लाख तक का हेल्थ कवर
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लिस्टेड अस्पतालों में हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस कवर देती है। महाराष्ट्र सरकार की महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना, जो आयुष्मान भारत स्कीम से जुड़ी है, राज्य में योग्य परिवारों को सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थ केयर के लिए हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ कवर देती है। (Ayushman Bharat Scam)
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