Maharashtra: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक बड़ा और कठोर कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य रसायनों से तैयार होने वाले ‘एनालॉग’ यानी कृत्रिम/नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।(Maharashtra)
छत्तीसगढ़ के बाद प्रतिबंध लगाने वाला दूसरा राज्य
कृत्रिम और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नकेल कसने के मामले में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है, जिसने एनालॉग पनीर पर पूरी तरह से रोक लगाई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSA) के तहत यह आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है।(Maharashtra)
जांच में 35% से अधिक सैंपल पाए गए फेल
FDA द्वारा एक वर्ष तक चलाए गए विशेष निगरानी और सैंपलिंग अभियान के दौरान पाया गया कि विश्लेषित किए गए सैंपलों में से 35.4 प्रतिशत मानक पर खरे नहीं उतरे। कई नमूनों में दूध की प्राकृतिक वसा की जगह पाम ऑयल और हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल फैट की मिलावट पाई गई, जो सीधे तौर पर हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर बीमारियों को बढ़ावा देती है।
रेस्टोरेंट और कैटरर्स की मनमानी पर रोक
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कई होटल, रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन और कैटरिंग एजेंसियां ग्राहकों को बिना बताए या मेन्यू कार्ड पर लिखे बिना असली पनीर की जगह सस्ता एनालॉग पनीर परोस रही थीं। इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखा और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (अनुचित व्यापार व्यवहार) मानते हुए सरकार ने इसे तुरंत रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
ये भी पढ़ेंः NEET-UG Exam में बड़े बदलाव की तैयारी, JEE की तर्ज पर दो चरणों में परीक्षा कराने से रुकेगी पेपर लीक और धांधली?
नियम उल्लंघन पर जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामूली चूक पर 6 महीने तक की जेल और ₹1 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, असुरक्षित/जहरीले एनालॉग पनीर के सेवन से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान या किसी की मृत्यु होने की स्थिति में आजीवन कारावास और न्यूनतम ₹10 लाख के जुर्माने की सजा दी जाएगी।

