Jaipur: गर्ल्स कॉलेज में लैंड जिहाद, महारानी College कैंपस में 3 मजारें मिलने से हंगामा

राजस्थान के जयपुर में लड़कियों के सबसे बड़े महारानी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में तीन मजारें होने की जानकारी सामने आने के बाद हड़कंप का माहौल है।

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जयपुर (Jaipur) के महारानी कॉलेज परिसर (Maharani College Campus) में तीन मजारों (Tombs) के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज के भीतर ये मजार कैसे बनाई गईं, इस पर सवाल उठ रहे हैं। 1944 में स्थापित महारानी कॉलेज लड़कियों (Girls) के लिए एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है। कॉलेज परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, इसके बावजूद ये मजारें बनाई गई हैं। कॉलेज की स्थापना महारानी गायत्री देवी (Maharani Gayatri Devi) ने की थी, जो एक कट्टर हिंदू परिवार से थीं।

मिली जानकारी के अनुसार, महारानी गर्ल्स डिग्री कॉलेज के खेल मैदान में तीन मजारें मिली हैं। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में मजारें की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। धार्मिक और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन से इन मजारों को हटाने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। मजारें कब बनाई गईं और किसने बनाईं, इस बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

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कॉलेज प्रशासन ने क्या कहा?
कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि ये मजारें पिछले 10-15 सालों से यहां हैं, जबकि पंप कर्मचारी का दावा है कि एक कब्र पुरानी है और दो हाल ही में बनी हैं। गर्ल्स डिग्री कॉलेज में पुरुषों के आने पर रोक है, ऐसे में इबादत के लिए कौन आता है, यह भी एक सवाल है। मजारों का बेस कंक्रीट से तैयार किया गया है और इनका रंग हरा है, जिस पर हरे रंग की चादरें बिछाई गई हैं। पास में एक बंद बक्सा भी मिला है, जिससे पता चलता है कि कोई इनकी देखभाल करता है।

मजारों को हटाने की मांग
कॉलेज की छात्राओं का भी दावा है कि उन्हें पहली बार कैंपस में मजारों के बारे में पता चला है। धरोहर बचाओ समिति के सदस्यों ने कॉलेज में हंगामा किया और मजारों को हटाने की मांग की। कमेटी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज कैंपस में नई मजारें बनाई गई हैं।

पुलिस ने जांच शुरू की
वैसे, पुलिस इस मामले में शिक्षकों और पुराने कर्मचारियों से बात कर रही है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ये मजारें कितनी पुरानी हैं, इनका निर्माण कब हुआ। कहा जा रहा है कि कुछ लोग यहां चादर चढ़ाने आते हैं, लेकिन पूरा विवाद इसी बात को लेकर है कि कॉलेज में मजार का होना हिंदू संगठनों को पसंद नहीं है।

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