Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले के कुछ ही समय बाद रूस ने यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर को निशाना बनाया। रूसी हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में आग की लपटें और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दिया। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर तनाव को गहरा कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने हाल के दिनों में मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाते हुए बड़े स्तर पर ड्रोन हमले किए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने दावा किया कि राजधानी की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, हमलों के दौरान एक तेल रिफाइनरी और रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, ड्रोन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई, जबकि 20 अन्य घायल हुए। सोफिनो इलाके में एक ड्रोन के तीन मंजिला आवासीय इमारत से टकराने की जानकारी सामने आई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। इस घटना में पांच लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा ओरेखोवो-जुएवो इलाके में एक निजी मकान पर हुए हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई।
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यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों ने मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को भी हमले में नुकसान पहुंचने का दावा किया है। उनके मुताबिक, रिफाइनरी की तीन प्रमुख इकाइयां प्रभावित हुईं। यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह संयंत्र मॉस्को क्षेत्र की ईंधन जरूरतों के एक बड़े हिस्से की आपूर्ति करता है और यहां तैयार होने वाले पेट्रोल, डीजल तथा विमान ईंधन का कुछ हिस्सा रूसी सेना के इस्तेमाल में भी आता है।
इस बीच यूक्रेन ने रूस पर भी कई इलाकों में हमले करने का आरोप लगाया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कीव और सूमी क्षेत्रों में रूसी हमलों में नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं।
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दोनों देशों के बीच ऊर्जा और परिवहन ढांचे पर हमले भी लगातार जारी हैं। पिछले सप्ताह कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने को लेकर सहमति होने का दावा किया था। हालांकि, जमीनी स्तर पर जारी हमलों से इस दावे और मौजूदा हालात के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
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