Jamui Case: बिहार के जमुई छेड़छाड़ केस में बड़ा एक्शन, पीड़िता की पहचान वायरल करने वालों पर FIR

जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।

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Jamui Case: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। घटना के आरोपियों पर कार्रवाई के साथ-साथ अब उन लोगों को भी जांच के दायरे में लिया गया है, जिन्होंने नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने लाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल को चिह्नित किया गया है और इनके खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानून के तहत अपराध है। इसी आधार पर वीडियो को पोस्ट या शेयर करने वाले चिन्हित अकाउंट्स के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे वीडियो को आगे शेयर करने से बचें। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की निजता और पहचान की सुरक्षा बेहद जरूरी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में वीडियो या अन्य सामग्री को वायरल करना संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है।

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क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है। कक्षा 10 में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र और छात्रा किसी पहाड़ी पर्यटन स्थल से लौट रहे थे। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में भी जाते हैं। आरोप है कि रास्ते में कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

बताया गया है कि आरोपियों ने दोनों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें स्कूटर से नीचे उतरने के लिए मजबूर किया। जब दोनों वहां से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो आरोपियों ने उनका पीछा किया। इसी दौरान छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और उत्पीड़न किए जाने का आरोप है।

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मामले की जांच में पुलिस घटना से जुड़े आरोपों के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग से जुड़े वीडियो को न तो साझा करें और न ही उसकी पहचान सार्वजनिक करने वाली कोई सामग्री पोस्ट करें।

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