Delhi: बिहार के बाद अब दिल्ली में चुनाव आयोग का ‘SIR’ ऑपरेशन, वोटर लिस्ट से फर्जीवाड़ा खत्म!

दिल्ली जैसे महानगर में SIR अभियान को लागू करना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। राजधानी की घनी आबादी, बड़ी संख्या में प्रवासी नागरिक, किराए पर रहने वाले लोगों का बार-बार पता बदलना जैसी स्थितियां सत्यापन के काम को जटिल बनाती हैं।

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बिहार (Bihar) में मतदाता सूची (Voter List) में व्यापक फेरबदल और शुद्धिकरण के सफल अभियान के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) ने अब देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) की ओर रुख किया है। आगामी 2025 विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली की मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग जल्द ही ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल के अधिकारी घर-घर जाकर हर एक वोटर का सत्यापन करेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य फर्जी और अपात्र मतदाताओं को हटाना और हर योग्य नागरिक को सूची में शामिल करना है।

‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ यानी SIR चुनाव आयोग का एक बेहद महत्वपूर्ण और सघन अभियान है, जिसे तब लागू किया जाता है जब मतदाता सूची में बड़ी संख्या में गड़बड़ियों की आशंका हो। इस प्रक्रिया के तहत, बूथ लेवल अधिकारी अपने क्षेत्र के हर घर का दौरा करते हैं। वे सूची में दर्ज मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करते हैं, मृतकों और स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों के नाम हटाते हैं, नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ते हैं और मौजूदा वोटरों के विवरण (नाम, पता, फोटो) में त्रुटियों को ठीक करते हैं। यह सामान्य वार्षिक पुनरीक्षण से कहीं अधिक व्यापक और गहन प्रक्रिया है।

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बिहार के सफल मॉडल पर अब राजधानी में अमल
चुनाव आयोग ने हाल ही में बिहार में SIR अभियान चलाया था, जिसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान लाखों की संख्या में अपात्र, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिससे वहां की मतदाता सूची पहले से कहीं अधिक स्वच्छ और प्रामाणिक हुई है। बिहार में मिले सकारात्मक परिणामों से उत्साहित होकर ही आयोग ने अब दिल्ली में भी इसी मॉडल को अपनाने का फैसला किया है, ताकि यहाँ भी चुनावों की निष्पक्षता को और मजबूत किया जा सके।

दिल्ली की घनी आबादी और प्रवासियों के बीच बड़ी चुनौती
दिल्ली जैसे महानगर में SIR अभियान को लागू करना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। राजधानी की घनी आबादी, बड़ी संख्या में प्रवासी नागरिक, किराए पर रहने वाले लोगों का बार-बार पता बदलना जैसी स्थितियां सत्यापन के काम को जटिल बनाती हैं। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए आयोग एक मजबूत रणनीति के साथ उतरेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी योग्य नागरिक प्रक्रिया की जटिलता के कारण अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।

निष्पक्ष चुनाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि एक स्वच्छ और सटीक मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की नींव होती है। दिल्ली में SIR का क्रियान्वयन 2025 के विधानसभा चुनावों को और अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। इससे न केवल फर्जी मतदान पर रोक लगेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि दिल्ली का हर वास्तविक और योग्य नागरिक सरकार चुनने में अपनी भूमिका निभा सके। आयोग जल्द ही इस अभियान की आधिकारिक तिथियों की घोषणा कर सकता है।

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