Make in India: समुद्री क्षेत्र में बड़ा कदम! इस मेगा प्रोजेक्ट से बंदरगाहों, शिपिंग और जहाजरानी में पैदा होंगे लाखों रोजगार?

केंद्र सरकार ने भारतीय शिपयार्डों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने और देश को जहाज निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से 24,736 करोड़ रुपये की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम (एसबीएफएएस) लागू की है।

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Shipbuilding project under Make in India initiative.
A significant step in India's maritime development.

Make in India: केंद्र सरकार ने भारतीय शिपयार्डों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने और देश को जहाज निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से 24,736 करोड़ रुपये की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम (एसबीएफएएस) लागू की है। साथ ही जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता देने के लिए 25,000 करोड़ रुपये का समुद्री विकास कोष (मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड-एमडीएफ) भी स्थापित किया गया है।(Make in India)

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि एसबीएफएएस भारतीय शिपयार्डों की लागत संबंधी प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों को कम करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश 26 दिसंबर 2025 को जारी किए जा चुके हैं।(Make in India)

उन्होंने बताया कि 25,000 करोड़ रुपये के समुद्री विकास कोष में 20,000 करोड़ रुपये का मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (एमआईएफ) और 5,000 करोड़ रुपये का इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड (आईआईएफ) शामिल है। एमआईएफ में केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत भागीदारी होगी, जिससे समुद्री क्षेत्र में इक्विटी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वहीं आईआईएफ के माध्यम से शिपयार्डों के लिए ऋण की प्रभावी लागत कम करने में सहायता मिलेगी। इस कोष के दिशा-निर्देश 20 फरवरी 2026 को जारी किए गए थे, जबकि 26 मई 2026 को एसबीआई वेंचर्स लिमिटेड को एमआईएफ का फंड मैनेजर नियुक्त किया गया।(Make in India)

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सोनोवाल ने बताया कि जहाज निर्माण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए राष्ट्रीय जहाज निर्माण मिशन (नेशनल शिपबिल्डिंग मिशन-एनएसबीएम) का गठन किया गया है। यह अंतर-मंत्रालयी निकाय शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम और शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा।(Make in India)

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उन्होंने कहा कि शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित करने के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके अलावा देश के विभिन्न मौजूदा शिपयार्डों में क्षमता विस्तार की तीन ब्राउनफील्ड परियोजनाएं शामिल हैं।(Make in India)

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