Jamshedpur Firing: बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में हुए चर्चित गोलीकांड के घायल आफताब आलम ने मंगलवार तड़के कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही बर्मामाइंस क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और थाना के बाहर सड़क जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
आफताब आलम को रविवार रात बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित मुस्लिम बस्ती के कंटेनर यार्ड के समीप मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने निशाना बनाया था। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिसमें उन्हें तीन गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जमशेदपुर के टाटा मेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया था, जहां मंगलवार सुबह करीब चार बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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घटना के बाद बर्मामाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए थे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।
आफताब आलम की मौत के बाद बर्मामाइंस और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा फरार आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
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