UP Crime News: कुख्यात अपराधी फुरकान एनकाउंटर में ढेर, हिंदू व्यापारियों को बनाता था निशाना

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैराना में हिंदू परिवारों के पलायन और कई सनसनीखेज वारदातों की वजह बने एक लाख रुपए के इनामी कुख्यात अपराधी मोहम्मद फुरकान को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है।

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UP Crime News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैराना में हिंदू परिवारों के पलायन और कई सनसनीखेज वारदातों की वजह बने एक लाख रुपए के इनामी कुख्यात अपराधी मोहम्मद फुरकान को पुलिस ने बुधवार (5 अगस्त 2026) को एक एनकाउंटर में मार गिराया है। (UP Crime News)

जानकरी के अनुसार, पिछले 4 वर्षों से फरार चल रहे फुरकान के छिपे होने की गुप्त सूचना मिलने पर स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस ने शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में चारों ओर से घेर लिया। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण का मौका दिए जाने के बावजूद उसने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हुए फुरकान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसके पास से आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। (UP Crime News)

अपराध जगत का लंबा इतिहास
फुरकान के खिलाफ साल 2003 से ही आपराधिक गतिविधियां जारी थीं और उस पर हत्या, रंगदारी व लूट के 30 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। वह साल 2014 में कुख्यात मुकीम काला गैंग से जुड़ा था। (UP Crime News)

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व्यापारियों की हत्या और खौफ
साल 2014 में फुरकान ने रंगदारी की मांग पूरी न होने पर कैराना के प्रमुख व्यापारी नेता विनोद सिंघल की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। इसके अलावा राजेंद्र, शिवकुमार और ईश्वरचंद जैसे कई कारोबारियों को भी निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में दशहत फैल गई थी। (UP Crime News)

कैराना पलायन का काला अध्याय
मुकीम काला और फुरकान के आतंक से कैराना में भय का माहौल कायम हो गया था। रंगदारी और हत्याओं से तंग आकर कई हिंदू परिवारों को अपने घरों पर ताले लगाकर पलायन करना पड़ा था। साल 2016 में तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह द्वारा 346 हिंदू परिवारों की पलायन सूची जारी किए जाने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा था।

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कानूनी शिकंजा और फरारी
साल 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के आने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसा और फुरकान को अदालत से 10 साल की सजा हुई थी। हालांकि, सजा के बाद भी वह जमानत पर छूटकर पिछले चार साल से फरार चल रहा था और पुलिस को लगातार पुलिस की पकड़ से बचता रहा, जो अंततः बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

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