Cluster Residences:कुलगाम में गैर-स्थानीय प्रवासियों को निशाना बनाए जाने की हालिया घटना के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं। घाटी में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की जान-माल की रक्षा के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने एक नई और व्यापक सुरक्षा रणनीति तैयार की है। इसके तहत पूरे कश्मीर में काम कर रहे हजारों गैर-स्थानीय श्रमिकों के लिए सुरक्षित ‘क्लस्टर रेजिडेंस’ (सुरक्षित आवास क्षेत्र) बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है।(Cluster Residences)
क्लस्टर योजना और चौबीसों घंटे निगरानी
प्रशासन की इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य प्रवासी मजदूरों को छितराए हुए या संवेदनशील इलाकों से निकालकर सुरक्षित और निगरानी वाले क्षेत्रों में बसाना है। उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में तय किया गया कि जिन इलाकों में निर्माण कार्य या मौसमी काम चल रहा है, वहां मजदूरों को अलग-अलग रहने के बजाय एक ही सुरक्षित परिसर या कैम्पस में ठहराया जाएगा। इन क्लस्टरों की चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRT) और अर्धसैनिक बलों के जवानों द्वारा निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।(Cluster Residences)
डिजिटल डेटाबेस और अनिवार्य पंजीकरण
इसके साथ ही, घाटी में सक्रिय सभी ठेकेदारों, ईंट-भट्ठों, निर्माण कंपनियों और कृषि फार्म मालिकों के लिए अपने प्रवासियों का अनिवार्य पंजीकरण कराना तय किया गया है। पुलिस प्रशासन प्रत्येक प्रवासी मजदूर की सटीक जानकारी एकत्र करने के लिए एक डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रहा है। सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया है और संवेदनशील इलाकों में रात की गश्त बढ़ा दी है। मजदूरों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर और मोबाइल अलर्ट सिस्टम भी उपलब्ध कराया जा रहा है।(Cluster Residences)
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प्रवासियों में विश्वास बहाली और आतंकियों पर प्रहार
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग प्रवासी मजदूरों के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए सीधे उनसे संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्हें भरोसा दिलाया जा रहा है कि घाटी में उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जहां एक तरफ सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आतंकियों के उन नेटवर्क और मददगारों (Over Ground Workers) के खिलाफ भी बड़ा ऑपरेशन चलाया जा रहा है जो इन निर्दोष प्रवासियों को आसान निशाना बनाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि सुरक्षा के इन कड़े उपायों से घाटी के विकास कार्यों पर कोई असर न पड़े और प्रवासी बेखौफ होकर अपना काम कर सकें।(Cluster Residences)

