नीट पेपर लीक विरोध को लेकर सुर्खियों में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब अंदरूनी कलह और विवादों में घिर गई है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) के आवास के बाहर संगठन के ही कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी में परिवारवाद और पक्षपात चरम पर है। (CJP)
कोर कमेटी पर पक्षपात का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन की कोर कमेटी के गठन और बैठकों में सिर्फ चुनिंदा लोगों को प्रधानता दी जा रही है, जबकि जंतर-मंतर पर हुए मुख्य छात्र आंदोलन में जान झोंकने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं और कोऑर्डिनेटर्स को दरकिनार किया जा रहा है। (CJP)
अन्न-जल त्यागने की घोषणा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोध जता रहे CJP कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट (Manish Brahmbhatt) ने ऐलान किया है कि जब तक संगठन में फैसले लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से नहीं लिए जाते, तब तक वे अन्न-जल का त्याग कर विरोध जारी रखेंगे। (CJP)
CJP FACES ITS FIRST ‘TEST’ OF ‘EQUITY’?
Two youth who claim they had participated in Jantar Mantar Protest are sitting outside’ CJP chief Dipke’s house protesting that they were not called for the Manthan or considered for any responsibility. pic.twitter.com/8dQ2wm9Bga— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) August 6, 2026
पारदर्शिता की मांग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि नीट का विरोध आंदोलन किसी एक व्यक्ति की बपौती नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं की सामूहिक लड़ाई थी, इसलिए CJP के निर्णय भी पारदर्शी और लोकतांत्रिक रूप से होने चाहिए। (CJP)
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परिवारवाद के खिलाफ नाराजगी
CJP प्रदर्शनकारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बैठकों में चुनिंदा और करीबी लोगों को ही महत्व दिया जा रहा है, जो संगठन के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। (CJP)
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