Indian Railways: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को और सरल एवं पारदर्शी बना दिया है। अब यात्रियों को समय रहते अपनी टिकट की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और रिफंड प्रक्रिया भी पहले से आसान हो गई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन नए नियमों से यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।(Indian Railways)
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को रेल भवन में संवाददाता सम्मेलन में ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पहल के तहत रेलवे में व्यापक सुधारों की घोषणा करते हुए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियमों में बड़े बदलाव का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य अंतिम समय की सट्टेबाजी बुकिंग पर रोक लगाना, वास्तविक यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराना और पारदर्शिता बढ़ाना है।(Indian Railways)
उन्होंने कहा कि चार्ट बनाने का समय अब 4 घंटे से बढ़ाकर 9 से 18 घंटे पहले कर दिया गया है। इससे यात्रियों को पहले ही पता चल जाएगा कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं और वे समय रहते निर्णय ले सकेंगे।
नए कैंसिलेशन नियमों के तहत यदि कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करता है तो उसे न्यूनतम निर्धारित कटौती के बाद रिफंड मिलेगा। 72 से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर किराये का 25 प्रतिशत (न्यूनतम शुल्क के अधीन) काटा जाएगा। 24 से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर किराये का 50 प्रतिशत (न्यूनतम शुल्क के अधीन) कटेगा। यदि टिकट ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय में रद्द किया जाता है, तो रिफंड नहीं मिलेगा या बहुत सीमित परिस्थितियों में ही अनुमति होगी।
रेलवे ने रिफंड प्रक्रिया को भी पूरी तरह आसान बना दिया है। अब ई-टिकट के लिए टीडीआर भरने की जरूरत खत्म कर दी गई है और टिकट रद्द होते ही रिफंड अपने आप प्रोसेस हो जाएगा। काउंटर टिकट अब देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से रद्द कराए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।(Indian Railways)
इसके अलावा, यात्रियों को और सुविधा देते हुए रेलवे ने यह भी निर्णय लिया है कि वे ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। साथ ही, सीट उपलब्ध होने पर यात्री अपनी यात्रा की श्रेणी भी प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपग्रेड कर सकेंगे।(Indian Railways)
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रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इन नियमों को यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ बताया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। इन सुधारों में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा गया है। इन पारदर्शी बदलावों से जहां यात्रियों को समय पर सही जानकारी मिल रही है, वहीं फर्जी टिकट बुकिंग करने वाले एजेंटों पर भी सख्ती से रोक लगी है।(Indian Railways)

