दिल्ली (Delhi) में गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने देश की आंतरिक सुरक्षा (National Security) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संसद से पारित होने के बाद अब ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, (Immigration and Foreigners Act) 2025’ को 1 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के बाद यह नया कानून पुराने चार कानूनों की जगह लेगा। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध आप्रवासन को रोकना और विदेशी नागरिकों की निगरानी को और प्रभावी बनाना है।
इस नए और सख्त कानून के तहत, बिना वैध वीजा या दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करने या रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों को 5 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, नकली पासपोर्ट या जाली दस्तावेजों का उपयोग करने पर 7 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह कानून ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को निगरानी और निर्वासन के लिए पहले से अधिक संवैधानिक अधिकार प्रदान करता है।
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होटलों, अस्पतालों और विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी बढ़ी
नए कानून के अनुसार, अब होटलों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने यहां आने वाले या ठहरने वाले हर विदेशी नागरिक की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। जानकारी छिपाने या गलत सूचना देने पर इन संस्थानों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से देश में मौजूद विदेशी नागरिकों का एक सटीक डेटाबेस तैयार करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
पर्यटन को बढ़ावा, घुसपैठ पर लगाम
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का उद्देश्य भारत में पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और चिकित्सा के लिए आने वाले विदेशी मेहमानों को परेशान करना नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले अवैध घुसपैठियों पर लगाम कसना है। सरकार का कहना है कि भारत आने वाले सभी वैध यात्रियों का स्वागत है, लेकिन देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को और मजबूती प्रदान करेगा।
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