Digital Arrest: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक 85 वर्षीय कंवल मनचंदा नाम की बुजुर्ग महिला से साइबर ठगी कर 1.34 करोड़ रुपये ठगों ने ठग लिए। पीड़िता की बेटी मोनिका मनचंदा ने बताया कि 6 नवंबर 2025 से अज्ञात व्हाट्सएप नंबरों से कॉल आने लगे। ठगों ने खुद को दरियागंज थाने का पुलिस अधिकारी और वकील बताकर महिला को डराना शुरू किया। (Digital Arrest)
डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर किया मानसिक उत्पीड़न
साइबर ठगों ने लगभग एक महीने तक (7 दिसंबर 2025 तक) महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और बार-बार पैसों की मांग की। भय के माहौल में महिला बैंक ऑफ महाराष्ट्र गई और तीन अलग-अलग खातों से पैसे ट्रांसफर किए। (Digital Arrest)
कई बैंकों के खातों में भेजे गए पैसे (Digital Arrest)
पुलिस जांच में पता चला कि साइबर ठगों ने पीड़िता से आधार कार्ड और PAN कार्ड की जानकारी भी हासिल कर ली। कई बैंकों में ट्रांसफर की गई राशि इस प्रकार थी:
एक्सिस बैंक में 1.20 करोड़ रुपये
इंडसइंड बैंक में 8 लाख रुपये
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 5 लाख रुपये
फेडरल बैंक में 1.93 लाख रुपये
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पुलिस ने FIR दर्ज कर ठगों की खोज शुरू कर दी
पीड़िता की बेटी मोनिका मनचंदा की शिकायत पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 25 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज किया। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 319 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 308 (जबरन वसूली), और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई। पुलिस अब हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप नंबर, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, जिनके जरिए यह साइबर ठगी हुई। (Digital Arrest)
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