Gujarat Weather: गुजरात में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 5 से 10 अगस्त के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण गुजरात के कुछ जिलों के अलावा उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कई क्षेत्रों में भी बारिश का अनुमान जताया गया है।
राज्य में 4 अगस्त सुबह 6 बजे तक मानसून सीजन में औसतन 25.36 इंच (633.88 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य मौसमी वर्षा का 69.74 प्रतिशत है। सबसे अधिक बारिश दक्षिण गुजरात में हुई है, जहां औसत 59.39 इंच (96.28 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई। इसके मुकाबले पूर्व-मध्य गुजरात में 66.46 प्रतिशत, सौराष्ट्र में 54.54 प्रतिशत, उत्तर गुजरात में 51.29 प्रतिशत और कच्छ में 29.05 प्रतिशत वर्षा हुई है।
इसे भी पढ़ें: Donald Trump के दौरे से पहले बड़ा अलर्ट! गोल्फ क्लब के पास हथियार और संदिग्ध सामान के साथ शख्स गिरफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में छोटा उदेपुर, वडोदरा, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, नवसारी, डांग, वलसाड, दमन, दादरा एवं नगर हवेली के साथ-साथ कच्छ, बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, साबरकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद, खेड़ा, आनंद, मोरबी, राजकोट, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर और गिर सोमनाथ सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
अच्छी बारिश का असर राज्य के जलाशयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सरदार सरोवर नर्मदा बांध में वर्तमान में 78.35 प्रतिशत जल भंडारण है, यानी इसकी क्षमता का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा अभी भी खाली है। वहीं राज्य के अन्य 206 जलाशयों में औसतन 62.63 प्रतिशत पानी संग्रहित है। फिलहाल 27 बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं, जबकि 34 बांध हाई अलर्ट, 10 अलर्ट और 9 चेतावनी (वार्निंग) स्तर पर हैं।
मानसून की बेहतर स्थिति का लाभ कृषि क्षेत्र को भी मिला है। राज्य में अब तक 67.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जो सामान्य बुवाई क्षेत्र का 79.10 प्रतिशत है। मूंगफली और सोयाबीन की बुवाई सामान्य से अधिक दर्ज की गई है, जबकि कपास और धान की बुवाई भी संतोषजनक स्तर पर पहुंच चुकी है।
राज्य सरकार और मौसम विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनती नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
Join Our WhatsApp Community
