Census 2026: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख समेत चार राज्यों में 1 सितंबर से शुरू होगा दूसरा चरण

भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, गणना पूरी होने के बाद 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक समीक्षा (रिव्यू) चरण आयोजित किया जाएगा।

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जनगणना कर्मी जनगणना के लिए योजनाएँ बनाते हुए
जनगणना कर्मी योजना बनाने में व्यस्त हैं।

Census 2026: केंद्र सरकार ने देश की जनगणना प्रक्रिया के दूसरे चरण को लेकर महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इन इलाकों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर बार अलग समय पर जनगणना कराई जाती है, ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, गणना पूरी होने के बाद 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक समीक्षा (रिव्यू) चरण आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दर्ज किए गए आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा और यदि कहीं कोई त्रुटि या छूटी हुई जानकारी होगी, तो उसे ठीक किया जाएगा।

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इस बार सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इसके तहत संबंधित क्षेत्रों के लोग 17 अगस्त से 31 अगस्त के बीच ऑनलाइन माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर उपलब्ध जानकारी का सत्यापन करेंगे और आवश्यक विवरण एकत्र करेंगे।

यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। स्वतंत्र भारत में यह आठवीं राष्ट्रीय जनगणना होगी और पहली बार जनसंख्या गणना के दौरान जाति आधारित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन आंकड़ों से भविष्य में सामाजिक कल्याण योजनाओं, संसाधनों के बेहतर वितरण और नीतिगत निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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केंद्र सरकार ने इस व्यापक अभियान के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। अधिकारियों के अनुसार यह देश के इतिहास की सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से उन्नत जनगणना प्रक्रिया होगी, जिसमें डिजिटल तकनीक और आधुनिक डेटा प्रबंधन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत अगले वर्ष निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी। फिलहाल हिमालयी और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया पहले पूरी की जाएगी, ताकि मौसम संबंधी चुनौतियों का असर जनगणना पर न पड़े।

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