महेश सिंह
Indian Army: स्वतंत्रता के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और सामरिक मोर्चे पर तनाव का दौर जारी रहा है। इतिहास गवाह है कि कई बार दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष भी हो चुके हैं। आज के मौजूदा वक्त में हालात यह हैं कि दोनों तरफ से राजनयिक संबंध लगभग न्यूनतम स्तर पर हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच पाकिस्तान की सेना के एक शीर्ष प्रवक्ता ने भारत की लगातार मजबूत हो रही सैन्य क्षमताओं को खुले तौर पर स्वीकार किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि इस्लामाबाद नई दिल्ली के साथ किसी भी प्रकार की सैन्य या हथियारों की होड़ में उतरने के पक्ष में नहीं है।(Indian Army)
पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता का बयान
अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ‘अल अरबिया इंग्लिश’ को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी से सवाल किया गया था कि भारत द्वारा अपनी वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइल शक्ति और पारंपरिक हमलों की मारक क्षमता में किए जा रहे वृद्धि को लेकर पाकिस्तान कितना आशंकित है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने माना कि पाकिस्तान भारत की सैन्य ताकत का पूरा सम्मान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे दिल्ली सरकार द्वारा अपने रक्षा संसाधनों और शस्त्रागार को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे भारी-भरकम निवेश को अच्छी तरह समझते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान का पूरा ध्यान अपनी रक्षात्मक तैयारियों को मजबूत करने पर केंद्रित है और उसकी किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ आक्रामक नीयत नहीं है। पाक अधिकारी के मुताबिक, क्षमता बढ़ाने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वे भारत के साथ हथियारों की किसी प्रतिस्पर्धा का हिस्सा हैं।(Indian Army)
भारत की बढ़ती ताकत
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत अपने स्वदेशी रक्षा उत्पादन का तेजी से विस्तार कर रही है। देश अब अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू स्तर पर आधुनिक सैन्य प्लेटफार्म तैयार करने में जुटा है। पिछले वर्ष पाकिस्तान के विरुद्ध अपनाए गए कड़े रुख और सुरक्षा उपायों के बाद से भारत की इन रणनीतिक कोशिशों को और अधिक रफ्तार मिली है। देश के भीतर संभावित दोतरफा मोर्चे की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सैन्य क्षमताओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। भारत ने वर्ष 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में स्थित लक्षित आतंकवादी ठिकानों पर प्रभावी सैन्य कार्रवाई की थी।(Indian Army)
डिफेंस टेस्टिंग और मिसाइल कार्यक्रम
मई 2025 में देश में आधुनिक नवदुर्गा डिफेंस टेस्टिंग रेंज की नींव रखी गई, जिस पर 1,460 करोड़ रुपये की लागत आनी है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट कुशा के तहत भारत ने अपनी पहली लंबी दूरी की स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिसकी मारक क्षमता को आने वाले समय में 400 किलोमीटर तक बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है।(Indian Army)
निजी क्षेत्र की भागीदारी
हाल ही में सरकार ने रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) की पारंपरिक मिसाइल प्रौद्योगिकियों को भारतीय निजी कंपनियों को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है। इससे देश के प्राइवेट सेक्टर को अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के निर्माण में एक बड़ी भूमिका निभाने का अवसर मिला है।(Indian Army)
वायु रक्षा नेटवर्क
भारत के मौजूदा सुरक्षा कवच में आकाश, आकाश-NG, QRSAM और VSHORADS जैसी स्वदेशी प्रणालियां शामिल हैं। इसके अलावा भारत-रूस के सहयोग से बनने वाली ब्रह्मोस और भारत-इजरायल के संयुक्त उपक्रम वाली MRSAM जैसी मिसाइलें देश की मारक क्षमता को और अधिक घातक बनाती हैं। अग्नि और के-सीरीज की पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइलें देश की सामरिक परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की रीढ़ हैं।(Indian Army)
रूस का नया प्रस्ताव
घरेलू विनिर्माण के साथ-साथ भारत पारंपरिक रूप से अपने सबसे भरोसेमंद साथी रूस के साथ भी रक्षा सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सिलसिले में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।(Indian Army)
‘सुपर सुखोई’ आधुनिकीकरण कार्यक्रम
खबरों के मुताबिक, मॉस्को ने भारतीय वायुसेना के 260 Su-30MKI विमानों के लिए लगभग 11 अरब डॉलर के ‘सुपर सुखोई’ आधुनिकीकरण कार्यक्रम का प्रस्ताव दिया है। इसके शुरुआती चरण में 84 विमानों को अपग्रेड किया जाना है, जिसमें एडवांस्ड इंजन मुहैया कराना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, रूस ने भारत में पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट ‘Su-57’ के संयुक्त उत्पादन, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के रखरखाव और मरम्मत की स्थानीय सुविधा स्थापित करने के साथ-साथ अत्याधुनिक S-500 सिस्टम का भी विकल्प सुझाया है।(Indian Army)
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भारत के आसपास भी नहीं पाकिस्तान
दूसरी ओर, भारत अपनी घरेलू तकनीकी क्षमता के दम पर एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के जरिए खुद की पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य आधुनिकीकरण के मामले में पाकिस्तान अभी भी काफी पीछे है और अपनी सामरिक जरूरतों के लिए मुख्य रूप से चीन और तुर्की जैसे देशों पर अत्यधिक निर्भर बना हुआ है।(Indian Army)

