बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऐलान किया है कि उनकी मां जल्द ही देश वापस लौटेंगी। नई दिल्ली में स्थित ‘द फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब’ में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी शामिल हुए। इस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। (Sheikh Hasina)
Delhi: Former Education Minister, Bangladesh, Mohibul Hassan Chowdhury Nowfel says, “Ladies and gentlemen, today, across Bangladesh, millions of our citizens are struggling with high inflation and unemployment. Opportunities for young people are sinking. Violence against women… pic.twitter.com/G59P3xoIzE
— IANS (@ians_india) August 5, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें और बयान (Sheikh Hasina)
सजीब वाजेद ने बयान देते हुए घोषणा की कि शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का पक्का फैसला कर लिया है। वहीं अधिवक्ता शाह मोहम्मद बख्तियार ने मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल की आलोचना करते हुए शेख हसीना पर चल रहे मुकदमों को ‘फर्जी’ बताया।
बांग्लादेश के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने स्पष्ट किया कि शेख हसीना किसी से बदला लेने के लिए नहीं लौट रही हैं, बल्कि देश में बढ़ती हिंसा और संकट के दौर को बदलने के उद्देश्य से वापसी कर रही हैं।
बांग्लादेशी लेखक और राजनीतिक विश्लेषक अबू ओबैधा अरिन ने दावा किया कि हसीना एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत देश से बाहर हैं, और युवा वर्ग एक बार फिर उनके समर्थन में एकजुट हो रहा है।
बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक अमीनुल हक पोलाश ने चेतावनी दी कि हसीना के सत्ता से हटने के बाद से देश में उग्रवाद और इस्लामी चरमपंथ में तेजी आई है, जो पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरे की घंटी है।
दो साल बाद शेख हसीना का संबोधन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब दो साल बाद शेख हसीना ने वर्चुअल माध्यम से जनता को संबोधित किया। इस दौरान उनका कैमरा बंद रखा गया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि फांसी की सजा, फर्जी मुकदमे और दिखावटी न्यायिक प्रक्रिया से वह डरने वाली नहीं हैं। उनका आरोप है कि उनके खिलाफ की जा रही कानूनी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित और असंवैधानिक है। हसीना ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने का फैसला कर लिया है। उन्हें जेल भेजा जा सकता है या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने देश लौटेंगी। हसीना ने यह भी कहा कि देश छोड़ना उनका स्वैच्छिक फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने के बीच उन्हें केवल 30–40 मिनट में वहां से निकलना पड़ा। (Sheikh Hasina)
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जानकारी के लिए बता दे कि शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को सत्ता छोड़ने के बाद भारत आईं और तब से निर्वासन में रह रही हैं। (Sheikh Hasina)
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