क्या मिथुन चक्रवर्ती बनेंगे भाजपा के ‘माटी के लाल?’.. जानिए इस खबर में

मुंबई में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात हुई है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की मुलाकात हुई है। यह मुलाकात मुंबई में मिथुन चक्रवर्ती के घर हुई। पश्चिम बंगाल मे बढ़ रही चुनावी सरगर्मियां के बीच इन दो हस्तियों की यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस प्रदेश में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व मिथुन चक्रवर्ती की इस मुलाकात के बाद राजनैतिक अटकलें तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी को एक चेहरे की तलाश है। बता दें कि भाजपा स्पष्ट कर चुकी है, कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री बंगाल की माटी का ही होगा।

टीएमसी के राज्यसभा सांसद रह चुके हैं मिथुन चक्रवर्ती
माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाना चाहती है। चक्रवर्ती पूर्व में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के टिकट पर राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं। हालांकि लगातार सदन में गैरहाजिर रहने के कारण उन्होंने खुद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

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चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द
इसी महीने या मार्च के पहले हफ्ते में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। समझा जा रहा है कि यहां छह से आठ चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग ने हाल ही में प्रदेश में चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया है।

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मिथुन ने कही ये बात
इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने राजनैतिक अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इस मुलाकात को लेकर कहा है कि मोहन भागवत से मेरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। मेरी उनसे नागपुर में पहले मुलाकात हुई थी, तब मैंने उनसे मुंबई आने पर मेरे घर आने का अनुरोध किया था। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस मुलाकात का कोई राजनैतिक अर्थ नहीं है। बता दें कि इससे पहले मोहन भागवत और मिथुन चक्रवर्ती की साल 2019 के अक्टूबर महीने में नागपुर के संघ मुख्यालय में मुलाकात हुई थी।

भाजपा को माटी के लाल की तलाश
पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा राज्य में हिंदुओ और खासकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर ममता बनर्जी को घेरने की कोशिश कर रही है, तो ममता बनर्जी बाहरी बनाम भीतरी का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। ममता की चाल का जवाब देने के लिए भाजपा ने बंगाल की माटी के लाल को चुनावी चेहरा बनाना चाहती है। इसी क्रम में पहले सौरव गांगुली का नाम चला लेकिन उनका स्वास्थ्य खराब होने के बाद उनके नाम की चर्चा थम गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा को अभी भी स्थानीय चेहरे तलाश रही है।

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