Ranchi: 7 अगस्त 2026 को झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों के नेतृत्व में सैकड़ों अभ्यर्थी विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान बिरसा चौक के समीप भीड़ में से निकले एक अज्ञात व्यक्ति ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर अचानक स्याही फेंक दी। स्याही पड़ते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आरोपी पुलिस हिरासत में, ‘देशविरोधी’ होने के लगाए आरोप
स्याही फेंकने की घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी व्यक्ति ने अपना गुस्सा जताते हुए आरोप लगाया कि नेहा बोरा देशविरोधी गतिविधियों और बयानों का समर्थन करती हैं, इसलिए उसने इस विरोध प्रदर्शन के बीच यह कदम उठाया।
हमले के बाद भी डटी रहीं नेहा बोरा, जारी रखा भाषण
स्याही फेंके जाने के बावजूद नेहा बोरा ने अपना रुख कड़ा रखा और प्रदर्शनकारियों को संबोधित करना जारी रखा। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों से छात्रों के आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता और वे युवाओं के अधिकार तथा परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग के लिए पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने इस हमले को आंदोलन से ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया।
केन्द्र सरकार और मोदी सरकार विरोधी बयानों पर घिरीं नेहा बोरा
नेहा बोरा राष्ट्रीय स्तर पर अपने उग्र और तीखे बयानों के लिए जानी जाती रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ वे समय-समय पर सख्त रुख अपनाती रही हैं। नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नए कृषि कानूनों के दौरान भी वे दिल्ली के जंतर-मंतर और JNU परिसरों में मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी हैं। हालांकि, कई अवसरों पर देश की सुरक्षा एजेंसियों, सेना के ऑपरेशन्स और राष्ट्रीय नीतियों पर दिए गए उनके बयानों को लेकर उन पर ‘देशविरोधी मानसिकता’ को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं।
निजी एजेंसियों की भूमिका और पारदर्शी प्रणाली की मांग
बिरसा चौक पर एकत्र छात्रों को संबोधित करते हुए नेहा बोरा ने परीक्षाओं के आयोजन में निजी एजेंसियों के शामिल होने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित परीक्षाओं को तुरंत रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की सरकारी भर्तियों की जिम्मेदारी केवल और केवल सरकारी संस्थाओं के पास होनी चाहिए ताकि भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर सीधी जवाबदेही तय की जा सके।
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प्रशासन की व्यवस्था और शहर में सुरक्षा कड़ी
इस घटना के बाद रांची पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पुख्ता कर दी। बिरसा चौक और आसपास के मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किसी व्यक्तिगत गुस्से का नतीजा था या इसके पीछे कोई पूर्व-नियोजित साजिश थी।

