लोक संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बना चुकीं और करोड़ों युवाओं की प्रेरणास्रोत, गायिका मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) के राजनीति (Politics) में कदम रखने की अटकलें तेज हो गई हैं। मंगलवार को भाजपा (BJP) के विनोद तावड़े (Vinod Tawde) सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद मैथिली ने खुद ही इन अटकलों को हवा दे दी। उन्होंने न केवल राजनीति में आने के संकेत दिए, बल्कि यह भी बताया कि अगर मौका मिला तो वह अपने गृह क्षेत्र मधुबनी से चुनाव लड़ना चाहेंगी।
ऐसी खबरें हैं कि वह भाजपा के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। मीडिया से बातचीत में मैथिली ठाकुर ने अपने राजनीतिक और संगीत के सफर पर खुलकर बात की। उनके प्रशंसकों के बीच एक बड़ा सवाल यह है कि राजनीति और गायन एक साथ कैसे संभव होगा? इस पर मैथिली ठाकुर ने साफ कहा, “कुछ भी छूटेगा नहीं। ईश्वर की सेवा और जनता की सेवा साथ-साथ चलेगी।”
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मैथिली मधुबनी से चुनाव लड़ेंगी
जब उनसे पूछा गया कि अगर वह चुनाव लड़ती हैं तो कौन सी सीट उनकी पसंद होगी, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के बिहार स्थित अपने गृह जिले मधुबनी का नाम लिया। उन्होंने कहा, “मधुबनी मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। वहां के लोगों ने मुझे बहुत प्यार और सम्मान दिया है। अगर मुझे सेवा का मौका मिलता है, तो मैं अपनी शुरुआत वहीं से करना चाहूंगी।”
भाजपा के लिए क्यों खास हैं मैथिली?
25 वर्षीय मैथिली ठाकुर की युवाओं और खासकर मिथिलांचल क्षेत्र में जबरदस्त लोकप्रियता है। उनकी छवि एक ऐसी कलाकार की है जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देती हैं। वह बिहार खादी की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर मैथिली ठाकुर भाजपा में शामिल होती हैं, तो यह पार्टी के लिए बिहार, विशेषकर मिथिलांचल क्षेत्र में एक बड़ा तुरुप का इक्का साबित हो सकता है। फिलहाल, किसी भी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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