Maharashtra Politics: मातोश्री इलाके में एक बार फिर बैनर राजनीति के भाले पर तूफान मचाने वाली तख्तियों की भरमार है। इस बार त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का सीधा मजाक उड़ाने वाले बैनर लगाए गए हैं और ये बैनर मुंबई में चर्चा का विषय बन गए हैं।
आखिर बैनर पर क्या है?
इस क्रम में बैनरों पर किसी भी पार्टी का नाम नहीं है। हालांकि, उद्धव ठाकरे की फोटो लगाकर उनका मुख्यमंत्री रहते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत त्रिभाषा फॉर्मूले को मंजूरी देने के फैसले का मजाक उड़ाया गया है।
बैनर पर लिखा है, “आपने खुद भी ऐसा फॉर्मूला स्वीकार किया था, क्या आप भूल गए? जब सच्चाई सामने आई तो यह आपके गले से नीचे उतर गई और आपने मराठी को अपने दांतों से मार डाला।”
इसके बाद इस बैनर पर डॉ. माशिलकर समिति की रिपोर्ट की कॉपी भी दी गई है, जिसमें ठाकरे सरकार के फैसले का जिक्र है।
दो ठाकरे भाइयों या भाजपा की बैठक से पहले ‘मनसैनिक’ हमला?
मजे की बात यह है कि 5 जुलाई को ठाकरे बंधु- उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे- पहली बार संयुक्त बैठक कर रहे हैं। ऐसे समय में मातोश्री इलाके में इस तरह के बैनर लगाए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
मराठी भाषा के मुद्दे पर जहां राज्य में माहौल पहले से ही काफी गरम है, वहीं शिवसेना, मनसे और अन्य दलों के बीच बैनर वार छिड़ा हुआ नजर आ रहा है।
आखिर ये बैनर किसने लगाए?
चूंकि इन बैनरों पर किसी पार्टी या संगठन का नाम नहीं है, तो इसके पीछे असली मंशा क्या है और इन्हें लगाने वाले कौन हैं? राजनीतिक हलके और प्रशासन में इस पर चर्चा है।

