Punjab Law & Order Politics: जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं तो जनता का क्या? ASI हरजीत की हत्या पर आम आदमी पार्टी सरकार पर चौतरफा हमला

पंजाब के पाकिस्तान से लगे सीमावर्ती जिले हमेशा से ही हथियारों और नशे की तस्करी जैसी राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से जूझते रहे हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों पर हो रहे सीधे हमलों ने केंद्र और राज्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

9

Punjab Law & Order Politics:घटना की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने खुद अमृतसर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और हुतात्मा अधिकारी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। राज्य सरकार ने हुतात्मा ASI हरजीत सिंह के परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। साथ ही पुलिस महकमे ने साफ किया है कि इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अपराधियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।(Punjab Law & Order Politics)

पुलिस महानिदेशक (DGP) का दौरा और मुआवजे का ऐलान
घटना की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने खुद अमृतसर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और हुतात्मा अधिकारी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। राज्य सरकार ने हुतात्मा ASI हरजीत सिंह के परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। साथ ही पुलिस महकमे ने साफ किया है कि इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अपराधियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।(Punjab Law & Order Politics)

साल में तीसरी बार निशाना बनी ‘खाकी’, बढ़ा जनाक्रोश
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर यह हमला कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले फरवरी में गुरदासपुर सीमा चौकी पर तैनात जवानों की हत्या और मई महीने में मजीठा के पास ASI जोगा सिंह की हत्या जैसी खौफनाक घटनाएं घट चुकी हैं। लगातार हो रहे इन हमलों और कुछ दिन पहले अजनाला के पास एक अन्य पुलिस अधिकारी पर हुए हमले के बाद यह साफ हो गया है कि असामाजिक तत्वों और गैंगस्टरों के हौसले राज्य में बुलंद हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी भारी आक्रोश है।(Punjab Law & Order Politics)

कानून-व्यवस्था पर गरमाई राजनीति, सरकार पर चौतरफा वार
ASI हरजीत सिंह की शहादत के बाद पंजाब की राजनीति का पारा अचानक चढ़ गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष के नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि “अगर अपने फर्ज पर तैनात ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा?” विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ढह चुकी है और राज्य में भय का माहौल कायम है।(Punjab Law & Order Politics)

ये भी पढ़ेंः Government Jobs Drive: सरकारी नौकरियों की बहार, पीएम मोदी ने 51 हजार युवाओं को बांटे अपॉइंटमेंट लेटर

सीमांत सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां
पंजाब के पाकिस्तान से लगे सीमावर्ती जिले हमेशा से ही हथियारों और नशे की तस्करी जैसी राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से जूझते रहे हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों पर हो रहे सीधे हमलों ने केंद्र और राज्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस बल को फिर से मजबूत करने और अपराधियों में कानून का खौफ कायम करने के लिए अब कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर जन-अदालत तक राज्य की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बना रहेगा।(Punjab Law & Order Politics)

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.