India Semiconductor Revolution: देश की राजधानी नई दिल्ली (यशोभूमि) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और आईटी जगत की दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का एक विश्वसनीय और मजबूत विकल्प बनाने की दिशा में कई अहम प्रगति रिपोर्ट्स साझा की गईं।(India Semiconductor Revolution)
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत तेजी से दुनिया का अगला सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि ‘सेमीकॉन 2.0’ पहल के तहत देश का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ है और वर्तमान में भारत में 200 से अधिक चिप डिजाइन कंपनियां पूरी तरह से सक्रिय होकर काम कर रही हैं।(India Semiconductor Revolution)
डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक का सफर
आईटी मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत अब केवल सॉफ्टवेयर या सेमीकंडक्टर डिजाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में फैब्रिकेशन यूनिट्स (Fabs) और एटीएमपी (ATMP/OSAT) प्लांट्स का निर्माण कार्य भी रिकॉर्ड समय में पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभाएं पहले से ही दुनिया की 20% चिप्स के डिजाइन में योगदान दे रही थीं, लेकिन अब भारत की धरती पर ही स्वदेशी चिप्स का निर्माण हो रहा है, जो ‘मेक इन इंडिया’ की एक बड़ी उपलब्धि है।(India Semiconductor Revolution)
भारी निवेश और युवाओं के लिए रोजगार
‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) देश में आया है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रॉन और अन्य वैश्विक साझेदारों की परियोजनाओं से न केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को गति मिली है, बल्कि इससे उच्च-कौशल (High-Skilled) क्षेत्र में हजारों योग्य इंजीनियरों और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुले हैं।(India Semiconductor Revolution)
भविष्य की राह और ‘सेमीकॉन 2.0’ का लक्ष्य
भारत सरकार ने आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेंट्स के निर्माण से लेकर तैयार चिप्स के निर्यात तक, भारत दुनिया के बड़े और विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है। यह सेमीकंडक्टर क्रांति भारत को भविष्य की डिजिटल और एआई (AI) आधारित अर्थव्यवस्था में वैश्विक अगुआ के रूप में स्थापित करेगी।(India Semiconductor Revolution)

