मिशन गगनयान की तैयारियां अंतिम चरण में, ISRO ने शेयर की बड़ी जानकारी

यह इसरो का बेहद खास मिशन है। दरअसल, यह परीक्षण अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की भारत की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। अगर यह सफल हुआ तो भारत अंतरिक्ष में एक और उपलब्धि दर्ज कर लेगा।

55

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization) आसमान में एक और छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। यह ‘क्रू एस्केप सिस्टम’ (Crew Escape System) का परीक्षण करने की योजना बना रहा है, जो इस महीने के अंत में परीक्षण (Testing) के लिए विकसित अंतरिक्ष यान (Developed Spacecraft) से अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को निकालने की एक प्रणाली है। इसरो ने इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की हैं और साथ ही बताया कि तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

यह इसरो का बेहद खास मिशन है। दरअसल, यह परीक्षण अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की भारत की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। अगर यह सफल हुआ तो भारत अंतरिक्ष में एक और उपलब्धि दर्ज कर लेगा।

यह भी पढ़ें- निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में GST Council की बैठक शुरू, इन मुद्दों पर चर्चा की संभावना

अगले साल लॉन्च किया जाएगा
आपको बता दें, करीब 900 करोड़ रुपये की लागत वाला यह अभियान अगले साल शुरू किया जाएगा। इससे पहले इसके लिए तीन वाहन परीक्षण कराने होंगे। इनमें पहला वाहन परीक्षण मिशन टीवी-डी1, दूसरा टीवी-डी2 मिशन और तीसरा परीक्षण एलवीएम3-जी1 होगा। यह एक मानवरहित मिशन होगा।

चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम
इसरो ने कहा कि गगनयान का परीक्षण यान जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। ताकि क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण किया जा सके। इसके लिए फ्लाइट टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन-1 (टीवी-डी1) की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि अंतरिक्ष में रोबोट और ह्यूमनॉइड (मानव जैसे रोबोट) भेजकर चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। गगनयान के तीसरे वाहन परीक्षण, LVM3-G1 के तहत भेजे जाने वाले ह्यूमनॉइड के माध्यम से चालक दल के सामने आने वाली सभी चुनौतियों के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी।

प्रणाली का उपयोग कब किया जाता है?
इस प्रणाली का उपयोग आपातकालीन स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को निकालने के लिए किया जा सकता है। हटन ने बताया था कि गगनयान फिलहाल अंतिम चरण के परीक्षण से गुजर रहा है। हटन ने कहा था कि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए हम परीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चालक दल को कोई नुकसान न हो।

देखें यह वीडियो- 

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.