मढ के बंगले में वो थे ‘अश्लील खलीफा’… ऐसे हुआ खुलासा

मुंबई के सिल्वर स्क्रीन पर चमकने के लिए हर वर्ष नए-नए चेहरे आते हैं। सभी चेहरे के पीछे एक आशा होती है, एक आदर्श होता है। जिसे प्राप्त करने के लिए लोग हर संभव प्रयत्न करते हैं। लेकिन इनमें से कुछ किरदार ऐसी दलदल में फंस जाते हैं कि उन्हें निकालने के लिए पुलिस को हीरो बनना पड़ता है।

बॉलीवुड के हेडक्वार्टर मुंबई में हर साल लाखो युवा फिल्मों में भाग्य आजमाने के लिए आते हैं। बड़े सपने और रूपहले पर्दे के सितारों की चकाचौंध में ये विभिन्न एक्टिंग कक्षा, प्रोडक्शन विभाग के लोगों से संपर्क करते हैं। अपेक्षा होती एक ब्रेक की… इसके लिए ये मिन्नतें करते हैं। ऐसी मिन्नतें कई बार ब्रेक तो दिलाती हैं लेकिन फिल्में उनके करियर को ‘अश्लील खलीफा’ बना देती हैं।

ऐसी कहानी बुनी और फिल्माई जा रही थी मुंबई के पश्चिमी छोर पर बसे मढ आईलैंड के बंगले में। यहां के बंगले फिल्मी शूट के लिए जाने जाते हैं। ऐसी ही एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी। सीन फिल्माया जा रहा था कि ‘हीरोज’ आ गए। हीरो ने फिल्म की शूटिंग ही रुकवा दी और दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

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जब कहानी खुली तो पता चला कि, यहां अश्लील फिल्माई जा रही थी। जिसमें महिला फोटोग्राफर, महिला ग्राफिक डिजायनर समेत तीन अन्य लोग शामिल हैं। इस फिल्म की हीरो बनी मुंबई पुलिस। जिसने इस अश्लील कारोबार से एक 25 वर्षीय महिला को मुक्त कराया। मढ के जिस बंगले में शूटिंग चल रही थी उसका नाम ग्रीन पार्क है जो ओल्ड फेरी मार्ग पर है। सूत्रों के अनुसार फिल्म शूट के नाम पर इस क्षेत्र के कई बंगलों में अश्लील फिल्में बनाई जाती हैं।

ऐसे रिलीज होती थी फिल्में
मढ के अश्लील खलीफाओं द्वारा ये फिल्में बड़ी ही योजनाबद्ध तरीके से रिलीज की जाती थीं। इसके लिए एक ऐप बनाया गया था। जिस पर सब्सक्रिप्शन फीस जमा करवाकर सदस्य समूह बनाया गया था। इस ऐप के माध्यम से फिल्में रिलीज होती थीं और सदस्यों को मिलती थीं।

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लाखो का था खेल
अश्लील फिल्मबाजों के पास से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को बैंक अकाउंट के विवरण मिले थे। जिसमें 36.5 लाख रुपए जमा हैं। आरोप है कि ये पैसे अश्लील फिल्मों के दर्शकों से लिये गए थे।

विज्ञापन से खुला भेद
पुलिस की प्रॉपर्टी सेल से मिली जानकारी के अनुसार फिल्मों में अभिनय के लिए नए चेहरों की आवश्यकता बताते हुए विज्ञापन दिया गया था। इससे पुलिस को इसका भेद लगा और वो अश्लील खलीफा तक पहुंच पाए। इन फिल्मों में काम के लिए पीड़ितों को 5,000 से 15,000 रुपए दिये जाते थे।

हुआ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, अश्लील कृत्य में शामिल होने, सार्वजनिक रूप से अश्लील सामग्री वितरित करने और इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

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