प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) जल्द ही उत्तर भारत (North India) के कई बाढ़ (Flood) प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे और चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों (Relief and Rescue Operations) की समीक्षा करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री हवाई सर्वेक्षण (Aerial Survey) के माध्यम से बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेंगे और प्रभावित लोगों से मुलाकात भी कर सकते हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्य भीषण मानसूनी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ की चपेट में हैं। इन राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है, हजारों लोग बेघर हो गए हैं और लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।
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पंजाब में स्थिति गंभीर
बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही पंजाब में मचाई है, जहाँ राज्य के सभी 23 जिले प्रभावित हुए हैं। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 43 तक पहुँच गई है। लगभग 1900 गाँव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं और 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अनुमान है कि 1.7 लाख हेक्टेयर से अधिक फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई है। गुरदासपुर और अमृतसर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से हैं। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है और केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है।
दिल्ली में यमुना उफान पर, अन्य राज्यों में भी हालात खराब
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान चली गई है और कई प्रमुख राजमार्ग बंद हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है।
केंद्र सरकार की स्थिति पर पैनी नजर
केंद्र सरकार लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में जापान और चीन की यात्रा से लौटने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली थी और केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था।
इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और नुकसान का आकलन करने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (IMCTs) का गठन किया था। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें प्रभावित राज्यों में लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केंद्र सरकार की संवेदनशीलता और प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उम्मीद है कि उनके दौरे के बाद राहत कार्यों में और तेजी आएगी और प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा भी हो सकती है।
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