
बिहार के मधुबनी जिले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार एटीएस और मध्य प्रदेश एटीएस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए 50 वर्षीय मदरसा संचालक मौलाना इजहार-उल-हक (Izhar-ul-Haq) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पाकिस्तानी एजेंट होने और राज्य में ‘स्लीपर सेल’ नेटवर्क तैयार करने का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई देश के पांच राज्यों में सक्रिय एक बड़े कट्टरपंथी मॉड्यूल की जांच के तहत की गई है। (Bihar)
मध्य प्रदेश एटीएस को मिली ट्रांजिट रिमांड
मौलाना इजहार को भाओड़ा गांव की एक मस्जिद से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे मधुबनी की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश एटीएस ने कोर्ट से आरोपी की ट्रांजिट रिमांड मांगी, जिसे मंजूर कर लिया गया। आरोपी को 20 जून 2026 तक रिमांड पर भेजा गया है, और आगे की पूछताछ के लिए उसे भोपाल ले जाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक एमपी एटीएस ने 12 जून 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। (Bihar)
किराए के मकान में चला रहा था मदरसा
सूत्रों के अनुसार, इजहार-उल-हक मधुबनी के पंडौल थाना क्षेत्र में अकेले किराए के मकान में रह रहा था, जबकि उसका परिवार उसके साथ नहीं था। वह यहां एक मदरसा संचालित कर रहा था। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई देशविरोधी और भड़काऊ वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें भारत में शरीयत कानून लागू करने से जुड़ी सामग्री भी सम्मिलित है। बताया जा रहा है कि वह इस कट्टरपंथी नेटवर्क के लिए फंडिंग (पैसा जुटाने) का जिम्मा भी संभाल रहा था। (Bihar)
यह भी पढ़ें: NEET पुनर्परीक्षा से पहले सरकार का बड़ा एक्शन, 22 जून तक टेलीग्राम बंद; जानें वजह
देशभर से अब तक 6 गिरफ्तारियां
इस अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल में इजहार की छठी गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी है। भोपाल के काजीकैंप इलाके से दबोचे गए संदिग्ध मोहम्मद फराज उर्फ खालिद से हुई कड़ी पूछताछ के बाद इजहार का नाम सामने आया था। इस मामले में पहले पुलिस ने सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव और धार जिले से हाजी अजहर को गिरफ्तार किया था। बाद में हरियाणा के नूंह के शाकिर को भी इसी मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप में पकड़ा गया था। (Bihar)
यह भी देखें
Join Our WhatsApp Community