दिल्ली हाईकोर्ट ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) को फंडिंग करने के आरोपी जगतार सिंह जोहल (Jagtar Singh Johal) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के सात मामलों में जमानत दे दी है। जस्टिस नवीन चावला (Navin Chawla) की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
ब्रिटेन निवासी जोहल पर कई हत्याओं में शामिल होने और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को फंडिंग का आरोप है। जगतार सिंह जोहल को पंजाब पुलिस ने साल 2017 में आर्म्स एक्ट और यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत गिरफ्तार किया था। साल 2010 में पंजाब पुलिस ने जोहल के खिलाफ कई हत्याओं और हत्या के प्रयास में शामिल होने के मामले में 10 एफआईआर दर्ज किया था। पंजाब पुलिस ने जांच में पाया था कि इन मामलों में अंतरराष्ट्रीय साजिश है और उसके बाद उसने एनआईए को सभी एफआईआर जांच को ट्रांसफर कर दिया। (Jagtar Singh Johal)
#Breaking
Delhi High Court grants bail to British National Jagtar Singh Johal in 7 UAPA cases.Johal is accused in targeted killings linked to a transnational conspiracy allegedly hatched by the Khalistan Liberation Force (KLF).
He was arrested in 2017 in Punjab.
#JagtarSinghJohal #UAPA— Bar and Bench (@barandbench) September 18, 2026
जोहल पर ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा, आरएसएस के नेता रविंदर गोसाईं और पादरी सुल्तान मसीह की हत्याओं में शामिल होने का आरोप है। (Jagtar Singh Johal)
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2022 और 2024 में खारिज हुई जमानत याचिकाएं
इसके पहले ट्रायल कोर्ट ने 7 सितंबर, 2022 को जगतार सिंह जोहल की पांच मामलों और सितंबर 2024 को हाईकोर्ट ने दो मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी। उसके बाद जगतार सिंह जोहल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को सभी सात मामलों को दिल्ली हाईकोर्ट में दोबारा नये सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया था। (Jagtar Singh Johal)
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