हांगकांग के लोग क्यों नहीं लेना चाहते चीनी वैक्सीन?

हांगकांग के 70 फीसदी लोगों को चीनी की सिनोवैक वैक्सीन पर भरोसा नहीं है, जबकि मात्र 30 फीसदी लोगों ने वैक्सीन पर भरोसा जताया है।

हांगकांग के लोग चीन में बनी कोविड 19 की वैक्सीन पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। एक सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है कि हांगकांग के 70 फीसदी लोगों को चीनी की सिनोवैक वैक्सीन पर भरोसा नहीं है, जबकि मात्र 30 फीसदी लोगों ने वैक्सीन पर भरोसा जताया है। यहां के अधिकांश लोगों ने यूरोप और अमेरिका में बनी वैक्सीन पर भरोसा जताया है। ब्राजील के वैज्ञानिकों ने चीनी वैक्सीन को 50 फीसद ही प्रभावकारी होने की बात कही है।

सर्वे में 1000 से ज्यादा लोग हुए शामिल
जनवरी में हांगकांग यूनिवर्सिटी के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में टीकों की सामान्य स्वीकृति मात्र 46 फीसदी थी। वहीं सीनोवैक वैक्सीन के प्रति लोंगों में उदासीनता का हाल यह था क मात्र 30 फीसदी लोग ही इसे लेना चाहते थे। इस सर्वे में 1000 से ज्यादा लोग शामिल थे। सर्वे में भाग लेनेवाले 56 फीसदी लोगों ने जर्मनी की बायोएनटेक, जबकि 35 फीसदी ने एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन पर विश्वास जताया।

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सरकार दे चुकी है 75 लाख डोज का ऑर्डर
सर्वे की यह रिपोर्ट आने के पहले हांगकांग की सरकार ने सिनोवैक वैक्सीन की 75 लाख डोज का ऑर्डर दे चुकी है। इस वैक्सीन की उम्मीद लगाए बैठी हागकांग सरकार ने कहा था कि इसकी पहली खेप जनवरी में आ जाएगी, लेकिन जनवरी खत्म होने को आ गई, वैक्सीन अबतक देश में नहीं आई। इस बारे में हांगकांग सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि वैक्सीन की ट्रायल को लेकर अभी और आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने पहले ही बायोएनटेक की 22.5 मिलियन डोज को सुरक्षित करा लिया है। उसने पिछले दिनों बायोएनटेक वैक्सीन को मंजूरी दी थी। बता दें कि कोरोना संक्रमण से वर्ष 2019 में हांगकांग में 174 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 10 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे।

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