तो क्या प्रिया के आरोप सच थे? एमजे अकबर का मानहानि का मामला खारिज

#MeToo मुहिम के अंतर्गत देश में कई आरोप-प्रत्यारोप लगे थे। ये मामले शुरू हुए थे एक पूर्व अभिनेत्री के खुलासे से। जिसके बाद इस मुहिम में कई क्षेत्रों की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप किये।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर को मानहानि के मामले में झटका लगा है। दिल्ली की स्थानीय न्यायालय ने एमजे अकबर के मानहानि के मुकदमे को खारिज कर दिया है। इसके अनुसार अब प्रिया रमानी को मानहानि के मामले से दोष मुक्ति मिल गई है। इससे अब ये भी प्रश्न खड़ा होता है कि क्या प्रिया रमानी के आरोप सच थे?

भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के विरुद्ध मानहानि का मामला दायर किया था। प्रिया रमानी ने अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके विरुद्ध एमजे अकबर ने 15 अक्टूबर 2018 को मामला दर्ज कराया था।

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यह मामला 2018 का है। जब मीडिया पर चले #MeToo मुहिम के अंतर्गत प्रिया रमानी ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों को अकबर ने नकार दिया था। लेकिन यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते एमजे अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

कौन हैं एमजे अकबर?

  • नरेंद्र मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री थी
  • भारतीय जनता पार्टी से सांसद
  • अंग्रेजी समाचार पत्र के संपादक थे
  • प्रिया रमानी वहां नौकरी के लिए गई थीं

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