Chhattisgarh: लाल आतंक के गढ़ में ऐतिहासिक आत्मसमर्पण! खूंखार पापाराव ने डाले हथियार, छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी जीत

छत्तीसगढ़ के बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की तय समय सीमा से एक हफ्ते पहले बस्तर के सक्रिय अंतिम बचे बड़े कैडर के नक्सली कमांडर पापाराव अपने 18 साथियों के साथ एके-47 सहित अन्य हथियार लेकर सुरक्षाबलाें के वाहन से मंगलवार काे बीजापुर जिले के कुटरू थाने पहुंचा।

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Naxal commander Paparav surrenders with weapons in Chhattisgarh.
Naxal commander Paparav and his team surrender to police.

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की तय समय सीमा से एक हफ्ते पहले बस्तर के सक्रिय अंतिम बचे बड़े कैडर के नक्सली कमांडर पापाराव अपने 18 साथियों के साथ एके-47 सहित अन्य हथियार लेकर सुरक्षाबलाें के वाहन से मंगलवार काे बीजापुर जिले के कुटरू थाने पहुंचा। यहां पर औपचारिकता पूरी करने के बाद एक बस के माध्यम से सुरक्षाबलाें के जवान सभी 18 आत्मसमर्पित नक्सलियाें को लेकर जगदलपुर के लिए रवाना हाे गए हैं ।(Chhattisgarh)

छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ‘कुल 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें नक्सली पापा राव भी शामिल हैं। इनमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं हैं, साथ ही 8 एके-47, 1 एसएलआर, 1 इंसास सहित अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं।(Chhattisgarh)

पापाराव के आत्मसमर्पण से नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म हाे गया है। देवा के आत्मसमर्पण करने के बाद अब पापाराव ही एक मात्र सक्रिय नक्सली बचा था । बाकी बचे हुए अन्य शीर्ष कैडर्स के नक्सली उम्र दराज हो चुुके हैं। पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ ही बस्तर से नक्सलवाद का सफाया तय माना जा रहा है। पापाराव उर्फ मंगू (56वर्ष ) ये छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। अपने पास एके-47 राइफल रखता है।(Chhattisgarh)

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गाैरतलब है कि पिछले साल ही नक्सल संगठन के सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन का सचिव बसवाराजू, गणेश उइके समेत 17 बड़े कैडर्स का मुठभेड़ किया गया। भूपति, रूपेश, रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। जबकि मिशिर बेसरा और गणपति ये 2 बड़े टॉप के नक्सली बचे हैं, जो वर्तमान में संगठन चला रहे हैं। बस्तर में बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। अब केवल पापाराव ही एक ऐसा नक्सली बचा था जो लड़ाकू था। पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ ही बस्तर से नक्सल संगठन काे खत्म माना जा रहा है।(Chhattisgarh)

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