पद्मभूषण (Padma Bhushan) से सम्मानित शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र (Classical Singer Pandit Chhannulal Mishra) का 91 वर्ष की आयु में निधन (Passes Away) हो गया। लंबी बीमारी से जूझ रहे पंडित छन्नूलाल मिश्र ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मिर्जापुर (Mirzapur) में गुरुवार (1 अक्टूबर) तड़के सवा चार बजे आखिरी सांस ली। वे सेप्टीसीमिया नामक बीमारी से जूझ रहे थे। जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में होगा।
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के बनारस घराने और विशेष रूप से ख्याल और ‘पूरब अंग’- ठुमरी के प्रतिपादक पंडित छन्नूूलाल मिश्र ने संगीत यात्रा में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। ठुमरी, दादरा, चैती और भजन गायन से भारतीय संगीत को समृद्ध करने वाले छन्नूलाल मिश्र ने शास्त्रीय संगीत को आमजन तक पहुंचाया।
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देश ने दिया बहुत सम्मान
3 अगस्त 1936 को आजमगढ़ में जन्मे पंडित छन्नूलाल मिश्रा वाराणसी को अपनी कर्मभूमि के तौर पर चुना। उन्हें साल 2020 में पद्म विभूषण, साल 2010 में पद्मभूषण, साल 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। साल 2010 में उन्हें यश भारती पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
छन्नूलाल मिश्र ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन में शीर्ष ग्रेड कलाकार रह चुके हैं। वे संस्कृति मंत्रालय (उत्तर-केंद्रीय) सरकार के सदस्य भी रहे।
जब साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जब नरेन्द्र मोदी ने पहली बार वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया, तब छन्नूलाल मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे।
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