MP Weather Update: मध्य प्रदेश में जुलाई के दौरान दो बार मानसून की रफ्तार थमने के बावजूद महीने का बारिश कोटा लगभग पूरा हो गया, लेकिन जून में कमजोर मानसून के कारण पूरे सीजन की वर्षा अब भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बनी हुई है। यही वजह है कि प्रदेश के 55 में से 42 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब कमजोर पड़ रहे हैं। ऐसे में अगले चार दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, अगस्त में मानसून फिर रफ्तार पकड़ सकता है और बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में हुई झमाझम बारिश
पिछले 48 घंटों के दौरान मालवा-निमाड़ क्षेत्र, विशेषकर इंदौर और उज्जैन संभाग में कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, रतलाम और धार समेत पश्चिमी जिलों में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। खंडवा में बारिश के कारण कपास और मक्का की फसलें खेतों में गिर गईं। बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में नाले का पानी 10 से 15 घरों में घुस गया, जिससे करीब दो फीट तक जलभराव हो गया और फसलों को भी नुकसान पहुंचा। लगातार बारिश के चलते कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। प्रशासन ने निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की है।
इसे भी पढ़ें: August School Holiday List 2026: अगस्त में इन तारीखों पर बंद रहेंगे स्कूल, देखें पूरी छुट्टियों की लिस्ट
इन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, खरगोन जिले के गोगावां में सबसे अधिक 7.6 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बुरहानपुर शहर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मानसूनी सिस्टम अब कमजोर हो रहे हैं। इसके चलते आगामी चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक या तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, यदि नए सिस्टम सक्रिय होते हैं तो कुछ क्षेत्रों में फिर भारी वर्षा हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: Rule Change From 1 August: 1 अगस्त से लागू हुए कई बड़े बदलाव, गैस सिलेंडर से लेकर रेलवे और बैंकिंग तक बदलेंगे नियम
अब तक 15.4 इंच बारिश, 42 जिले अभी भी पीछे
प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच (390.3 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी अब भी करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। फिलहाल, 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
Join Our WhatsApp Community
