Spain Ceuta Migrant Crisis: 48 हजार से ज्यादा लोग लौटे मोरक्को! लेकिन स्यूटा संकट पर क्यों भड़के ट्रंप?

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Crowd of migrants gathered at Ceuta's waterfront during crisis
A large crowd of migrants gathers at the waterfront in Ceuta.

Spain Ceuta Migrant Crisis: उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र स्यूटा में प्रवासियों की भारी आमद के बाद हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आने लगे हैं। स्पेन सरकार के अनुसार, सीमा पार करने वाले 60,000 प्रवासियों में से 48,300 से अधिक लोग अपनी मर्जी से मोरक्को लौट चुके हैं।

फ्रांस की सरकारी अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविज़न नेटवर्क फ्रांस 24 के मुताबिक स्पेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार सुबह से बड़ी संख्या में लोग जमीन और समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचे थे, जिससे वहां अफरा-तफरी और मानवीय संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। हालात पर काबू पाने के लिए मोरक्को की सुरक्षा बलों ने सीमा पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया तथा नए प्रवासियों को सीमा पार करने से रोकने की कोशिश की।

यूरोपीय आयोग (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस स्थिति को “अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि यूरोपीय संघ में बिना नियमों का पालन किए किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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इस बीच इटली ने स्पेन को शेंगेन फ्री-मूवमेंट ज़ोन से निलंबित करने की मांग की। बाद में फिनलैंड और डेनमार्क ने भी इस मांग का समर्थन किया। वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने मोरक्को से अवैध प्रवासियों को तुरंत वापस लेने की अपील की।

फ्रांस और ब्रिटेन ने संकट से निपटने में स्पेन की मदद की पेशकश की है, जबकि फ्रांस ने स्पेन से लगी अपनी सीमा पर सुरक्षा जांच भी कड़ी कर दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रवासी संकट को लेकर स्पेन सरकार पर निशाना साधा। मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि स्यूटा में जो हालात बने हैं, वे अनियंत्रित प्रवासन के खतरे का उदाहरण हैं। उन्हाेंने कहा कि मैंने स्पेन में हुई तबाही देखी। ऐसा लग रहा था जैसे लाखों लोगों ने किसी देश पर हमला कर दिया हो। अगर सही नीतियां नहीं अपनाई गईं तो अमेरिका में भी इससे बड़े हालात बन सकते हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने भी एक बयान जारी कर स्पेन सरकार पर यूरोप में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर अपने सहयोगियों के साथ संभावित कदमों पर विचार कर रहा है।

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यूरोप के कई दक्षिणपंथी नेताओं ने भी इस संकट को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी। जर्मनी की अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पार्टी की सह-नेता ऐलिस वाइडेल ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासियों का आगमन पूरे यूरोप के लिए चुनौती है। वहीं इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस ने भी स्पेन की आव्रजन नीति पर सवाल उठाए।

हालांकि, स्पेन सरकार का कहना है कि स्थिति अब तेजी से सामान्य हो रही है और बड़ी संख्या में प्रवासी स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं। सरकार ने अन्य देशों पर इस मानवीय संकट का राजनीतिक लाभ उठाने का भी आरोप लगाया।

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