Kerala Weather: केरल में मूसलाधार बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन से 5 लोगों की मौत

शनिवार को हुई भारी बारिश का सबसे अधिक असर राज्य के मध्य और उत्तरी जिलों में देखने को मिला। रातभर हुई वर्षा के बाद इडुक्की, कोट्टायम और पथानामथिट्टा के पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ।

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Rescue operation during heavy rain in Kerala
Rescue teams work tirelessly amidst the chaos of flooding.

Kerala Weather: केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हुए भूस्खलन में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।इडुक्की और कोट्टायम जिला प्रशासन ने पांच लोगों के मरने की पुष्टि की है।

शनिवार को हुई भारी बारिश का सबसे अधिक असर राज्य के मध्य और उत्तरी जिलों में देखने को मिला। रातभर हुई वर्षा के बाद इडुक्की, कोट्टायम और पथानामथिट्टा के पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए या मलबे में दब गए, जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।

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इडुक्की जिले के थोडुपुझा के निकट कुदायथूर के अडुरमाला क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में सुमति नामक महिला और उसके बेटे की मौत हो गई, जबकि घर में फंसे दो अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, वागामोन के कोलाहलामेडु क्षेत्र में एक मकान पर मिट्टी और चट्टानें गिरने से 72 वर्षीय प्रभाकरन नायर की भी जान चली गई।

कोट्टायम जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। पूंजार क्षेत्र में एक मकान पर मलबा गिरने से एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई। जिले के अन्य हिस्सों में भी जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।

पथानामथिट्टा जिला भी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। रानी शहर में जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए, जबकि जिले के पहाड़ी इलाकों से भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।

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लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि अनेक मार्ग गिरे हुए पेड़ों और मलबे के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन कई जिलों में स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदियों, जलाशयों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निचले और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा एवं निकासी संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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