Catch the Rain 2026: ओडिशा में जल संरक्षण अभियान को मिली रफ्तार, ‘कैच द रेन’ के तहत 968 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि राज्य में 849 छत आधारित वर्षा जल संचयन प्रणाली और 56 रिचार्ज शाफ्ट पूरे किए गए हैं। इनमें जाजपुर में 45, केंद्रपाड़ा में 10 और सुंदरगढ़ में 1 रिचार्ज शाफ्ट शामिल हैं।

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People participating in a rainwater conservation program in Odisha.
Community members engage in rainwater conservation activities.

Catch the Rain 2026: केंद्र सरकार के ‘कैच द रेन 2026’ अभियान के तहत ओडिशा सरकार ने राज्य में अब तक 968 जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए। पूरे प्रदेश में अब तक 905 वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण संरचनाएं बनाई गईं और 98 पारंपरिक तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि राज्य में 849 छत आधारित वर्षा जल संचयन प्रणाली और 56 रिचार्ज शाफ्ट पूरे किए गए हैं। इनमें जाजपुर में 45, केंद्रपाड़ा में 10 और सुंदरगढ़ में 1 रिचार्ज शाफ्ट शामिल हैं। इसके अलावा कटक में 62, संबलपुर में 54, सुंदरगढ़ में 53, केंद्रपाड़ा में 48, झारसुगुड़ा में 25, बरगढ़ में 16, पुरी में 13, नयागढ़ में 12, अंगुल में 10, नबरंगपुर में 7 और बलांगीर में 4 छत आधारित संचयन प्रणाली बनाई गई हैं।

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मंत्रालय ने बताया कि जल संचयन की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य के खोरधा जिले में सबसे अधिक 230 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जबकि गंजाम में 330 छत आधारित संचयन प्रणाली स्थापित की गई। पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के तहत सभी 30 जिलों में 98 तालाबों का नवीनीकरण और गाद हटाने का काम किया गया है। इन तालाबों की क्षमता बढ़ने से मानसून के पानी का बेहतर संचयन हो रहा है और ग्रामीण इलाकों में सिंचाई एवं जल उपलब्धता में सुधार हो रहा है।

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मंत्रालय ने बताया कि जल संरक्षण की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में नुक्कड़ नाटक, लोक प्रदर्शन और सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंगुल जिले में 124, मयूरभंज में 60, नयागढ़ और पुरी में 50-50 तथा गंजाम में 20 जागरूकता कार्यक्रम हुए। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को भूजल विज्ञान, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन की तकनीक पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे अपने समुदायों में जल संरक्षण के दूत बन सकें।

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