Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से धीमा पड़ा मानसून फिर सक्रिय हो गया है। बीती रात से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हुआ है। रोहतांग सहित लाहौल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है, जबकि शिमला में सुबह गरज के साथ तेज बारिश और आंधी चलीं। बारिश और आंधी से राज्य में 567 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं और 63 सड़कें अवरुद्ध हैं। बीते 24 घंटों में बिलासपुर जिला के नयनादेवी में सबसे अधिक 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज कई ज़िलों में तेज़ बारिश व आंधी चलने का ओरेंज अलर्ट जारी किया है।
नयनादेवी में 86.8 मिलीमीटर बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। नयनादेवी में 86.8 मिलीमीटर, मुरारी देवी में 50.6, सलापड में 48.1, मलरांव में 48.0, घाघस में 40.2, बरठीं में 38.6, सुंदरनगर में 37.1, गोहर में 35, नाहन में 34.2, जोगिंदरनगर में 33, नंगल डैम में 32 और पांवटा साहिब में 31 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
शिमला में पिछले दिन और रात को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने के बाद गुरुवार सुबह अचानक बारिश शुरू हुई। गरज के साथ हुई तेज बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चलीं। तापमान गिरने से राजधानी में मौसम ठंडा हो गया और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। सोलन, सिरमौर, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा के कई हिस्सों में भी बारिश हुई। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भी मौसम खराब बना हुआ है और बारिश हो रही है, जबकि रोहतांग दर्रे सहित लाहौल के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े में ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हुई इस बर्फबारी से मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
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मौसम विभाग ने आज चम्बा, कुल्लू, मंडी, शिमला, बिलासपुर और हमीरपुर में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज़ बारिश के साथ बिजली चमकने व कड़कने और तूफ़ान का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। ऊना, कांगड़ा, सोलन व सिरमौर जिलों में कुछ जगहों पर बारिश व आंधी का ऑरेंज अलर्ट जबकि किन्नौर व लाहौल स्पीति जिलों में भी बारिश की आशंका है।
वहीं 18 सितम्बर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ आंधी चलने की संभावना है। 19 से 23 सितम्बर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है।
567 ट्रांसफार्मर ठप, 63 सड़कें बंद
बारिश और तेज हवाओं का असर बिजली और सड़क व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 567 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। सिरमौर जिले के राजगढ़, पांवटा साहिब और नाहन उपमंडलों में 341 ट्रांसफार्मर ठप हुए हैं। ऊना के हरोली में 110 और मंडी जिले में 100 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
प्रदेश में 63 सड़कें भी यातायात के लिए बंद हैं। इनमें मंडी जिले में 34, कांगड़ा में 10 और कुल्लू में नौ सड़कें शामिल हैं। शेष सड़कें अन्य जिलों में बंद हैं। संबंधित विभागों की ओर से बिजली और सड़क सेवाओं को बहाल करने का काम किया जा रहा है।
मानसून से 3,212 करोड़ रुपये का नुकसान, 315 लोगों की मौत
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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 30 जून से अब तक मानसूनी बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से प्रदेश में चल-अचल संपत्ति को करीब 3,212 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों को हुए नुकसान से अकेले 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
मानसून के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 315 लोगों की मौत हुई है, 542 लोग घायल हुए हैं और चार लोग लापता हैं। मृतकों में 187 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 128 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, बहने, फिसलने, गिरने और अन्य बारिश जनित हादसों में हुईं। सबसे अधिक 45 मौतें शिमला जिले में दर्ज की गई हैं।
इस मानसून में अब तक 134 मकान, 17 दुकानें और 479 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं, जबकि 505 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में मानसून की शुरुआत 30 जून को हुई थी और अब तक बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता 23 सितम्बर तक बनी रह सकती है और इस महीने के अंत तक इसके प्रदेश से विदा होने का अनुमान है।
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