Himachal Pradesh Weather: हिमाचल में मानसून बना आफत! 142 मौतें, 293 घर तबाह, अब भी जारी है बारिश का खतरा

मानसून के दौरान हुई 142 मौतों में सबसे अधिक 78 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई है। फ्लैश फ्लड में एक व्यक्ति की जान गई है, जबकि पानी में बहने से चार लोगों की मौत हुई है।

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Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में इस साल भी मानसून का जबरदस्त कहर देखा जा रहा है। 30 जून को प्रदेश में दस्तक देने वाले मानसून के पहले 38 दिनों में भारी बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 30 जून से 6 अगस्त तक की रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में वर्षा जनित हादसों में 142 लोगों की मौत हुई है, 224 लोग घायल हुए हैं और दो लोग अब भी लापता हैं। प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को अब तक 797 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।

रिपोर्ट के अनुसार अब तक 293 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 22 पक्के और 39 कच्चे घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 90 पक्के और 142 कच्चे घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 11 दुकानें और 183 पशुशालाएं भी पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। सबसे अधिक असर कांगड़ा जिले में देखा गया है। यहां 36 कच्चे और पक्के घर पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं, जबकि 60 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जिले में चार दुकानें भी तबाह हुई हैं।

मानसून के दौरान हुई 142 मौतों में सबसे अधिक 78 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई है। फ्लैश फ्लड में एक व्यक्ति की जान गई है, जबकि पानी में बहने से चार लोगों की मौत हुई है। आग की घटना में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है। सर्पदंश से छह, करंट लगने से पांच और पहाड़ी, चट्टान या पेड़ से फिसलने अथवा इनके गिरने जैसी घटनाओं में 21 लोगों की जान गई है। अन्य कारणों से 12 लोगों की मौत हुई है।

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इस मानसून की अब तक की सबसे बड़ी दुर्घटना लाहौल-स्पीति जिले में हुई, जहां चलती टाटा सूमो पर भूस्खलन होने से उसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई थी। सड़क हादसों में हुई 78 मौतों में सबसे अधिक 12 लोगों की जान कुल्लू जिले में गई है। मंडी ऐसा एकमात्र जिला है, जहां मानसून के दौरान अब तक सड़क हादसों में किसी की मौत नहीं हुई है। हमीरपुर में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान गई है।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार अब तक सबसे अधिक 21 लोगों की मौत कांगड़ा जिले में हुई है। कुल्लू में 20, शिमला और लाहौल-स्पीति में 18-18, चंबा और सिरमौर में 15-15, सोलन और ऊना में आठ-आठ, मंडी में सात, किन्नौर में पांच, बिलासपुर में चार और सबसे कम तीन लोगों की मौत हमीरपुर जिले में दर्ज की गई है।

मानसून का असर पशुधन पर भी पड़ा है। इस अवधि में 194 मवेशियों की मौत हुई है, जिससे कई ग्रामीण परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

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राज्य में अब तक 797 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। इनमें सबसे अधिक 592 करोड़ रुपये का नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग को 186 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। शेष नुकसान अन्य विभागों और सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़ा है।

प्रदेश में मानसून का मौसम अभी जारी है और यह सामान्य तौर पर सितंबर के अंत तक रहता है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश के साथ नुकसान के आंकड़ों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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