सीमा की सुरंगें क्या कहती हैं?

पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले छह महीने में चौथी सुरंग मिली है। इसके अलावा हेक्साकॉप्टर से पंजाब से लगी सीमा में हथियार भेजने की भी कई कोशिशें हुई थीं जिनपर सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की।

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फिर एक सुरंग मिली है। यह सुरंग कठुआ जिले में मिली है। जानकारी के अनुसार इन सुरंगों के जरिये आतंकियों को भारत में धकेलने की योजना थी। पिछले दस दिनों में ये दूसरी सुरंग है जिसका पता सीमा सुरक्षा बल ने लगाया है। सीमा पर मिल रही इन सुरंगों का एक संदेश भी है कि आतंक को धकेलने का पैंतरा कैसे पाकिस्तान बदल रहा है।

सीमा पर आतंक का ये नया पैंतरा अब जोर पकड़ने लगा है। सुरक्षा बलों ने जब सीमा पर अत्याधुनिक तकनीकी और चौकसी दलों के साथ सुरक्षा गतिविधियां तेज की तो आतंकियों को सीमा पार कराने के लिये सुरंगें खोदकर आतंकियों को पाकिस्तान की ओर से भारत में धकेलने का कार्य होने लगा है।

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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का सुरंग रोधी (एंटी टलनलिंग) दल जब हीरा नगर के पानसर क्षेत्र में जब गश्त कर रही थी उस दौरान इस सुरंग का पता चला। पिछले दस दिनों में ये दूसरी सुरंग है जिसका पता चला है। इसके पहले 13 जनवरी, 2021 को बोबियां गांव में 150 मीटर लंबी सुरंग मिली थी।

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बीएसएफ के अनुसार नई सुरंग 150 मीटर लंबी है और 30 फुट गहरी है जबकि इसकी चौंड़ाई 3 फुट है। पाकिस्तान की ओर से ये सुरंग भारत की सीमा में आई है।

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