Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से वोट चोरी के आरोप लगाने के मामले की एसआईटी जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप अपनी याचिका निर्वाचन आयोग के पास लेकर जाइए, जनहित याचिका के रुप में कोर्ट मत आइए।(Supreme Court)
याचिका रोहित पांडेय ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता ने स्वयं राहुल गांधी के आरोपों की पुष्टि की है और प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य पाया है। याचिका में आरोपों की जांच के लिए पूर्व जज की अध्यक्षता में एसआईटी के गठन की मांग की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट के निर्देशों का पालन होने और वोटर लिस्ट का स्वतंत्र आडिट पूरा होने तक वोटर लिस्ट में कोई और संशोधन या अंतिम रुप देने का काम नहीं किया जाए।(Supreme Court)
याचिका में कहा गया था कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त को प्रेस कांफ्रेंस कर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। राहुल गांधी की ओर से जो आरोप लगाए गए थे वे प्रथम दृष्टया बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत हैं। ऐसे में जनहित का ध्यान रखते हुए कोर्ट के हस्तक्षेप की जरुरत है। राहुल गांधी के आरोपों के मुताबिक 40009 अमान्य वोटर थे और 10452 डुप्लीकेट थे। कई वोटर ऐसे थे जिनके घर का पता और पिता का नाम एक ही था। एक छोटे घर में 80 वोटर के पते थे।(Supreme Court)
याचिका में मांग की गई थी कि इस मामले की स्वतंत्र जांच होने तक वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण या उसे अंतिम रुप नहीं दिया जाए। याचिका में मांग की गई थी कि वोटर लिस्ट का प्रकाशन और उसे तैयार करने में निर्वाचन आयोग की ओर से पारदर्शिता और जिम्मेदारी पूर्वक ईमानदारी से काम करने के लिए मेकानिज्म तैयार करने का दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।(Supreme Court)
याचिका में मांग की गई थी कि निर्वाचन आयोग वोटर लिस्ट को मशीन रीडेबल और सर्च किए जाने लायक वोटर लिस्ट जारी करे ताकि उसका आम नागरिक अपने वोट का वेरिफिकेशन और स्क्रूटनी कर सकें। याचिका में कहा गया था कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत वयस्क मताधिकार के अधिकार का उल्लंघन है। ऐसा संविधान के अनुच्छेद 324 के अलावा अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 का भी उल्लंघन है।(Supreme Court)
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