भाजपा Suspended!

भाजपा देश में तकनीकी को आधार बनाकर सफलता प्राप्त करती रही है। डिजिटल प्रचार-प्रसार और संपर्क ने उसके शीर्ष को सामान्य कार्यकर्ता तक पहुंचा दिया। इस प्रकार भाजपा डिजिटल माध्यम को प्राधान्यता देती रही है।

भारतीय जनता पार्टी सूचना तकनीकी को लेकर सबसे आधुनिक दल माना जाता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस काल में उन्होंने एक साथ 100 स्थानों पर 3-डी वर्चुअल रैलियां की थी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र और मुंबई, पीएम के डिजिटल मंत्र को ही अब भूल गई है और मुंबई भाजपा Suspended और महाराष्ट्र भाजपा PDF में बंद है।

महाराष्ट्र में 2019 तक भारतीय जनता पार्टी सत्ता में थी। 2019 के अंत में हुए विधान सभा चुनाव में उसने सबसे अधिक सीटें प्राप्त की। ये अलग बात है कि वो विपक्ष में है। लोकतंत्र में ये कोई नई बात भी नहीं है, स्पष्ट बहुमत के अभाव में हमेशा बड़ा दल ही सत्ता में बैठे ऐसा जरूरी नहीं है। जैसे 1996 में महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के रमाकांत खलप एक सांसद के साथ देश के कानून मंत्री बन गए थे। जबकि भाजपा जैसा दल 187 सांसदों के साथ विपक्ष में था। इस उदाहरण से हमारा कहने का का अर्थ ये है कि देश की संसद में भाजपा प्रगतिशील दलों में से है। जो एक सांसद की शक्ति से तीन सौ सासंदों की संख्या तक पहुंचकर सत्ता में है। इसके पीछे आधुनिक तकनीकी की स्वीकार्यता की भी बड़ी भूमिका रही है। 2013 में भाजपा देश की पहली पार्टी थी जिसने सोशल मीडिया का उपयोग चुनाव प्रचार में उपयोग किया। इसके अलावा 2014 में होलोग्राफिक (3-डी) तकनीकी का उपयोग करनेवाला पहला दल भी यही था।

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अपना ही अनुकरण करते तो…

भाजपा डिजिटल क्रांति को आत्मसात कर प्रगति पथ लिखनेवाली पार्टी है। 2014 से शुरू हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काल में देश ने डिजिटल इंडिया समेत पांच बड़े कदम उठाए हैं। जिनका उल्लेख यहां करना आवश्यक है।
डिजिटल इंडिया – लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अंतर को कम करने के लिए ‘ब्रॉडबैंड हाईवे’ के निर्माण का मंत्र दिया था।
MyGov सिटिजन पोर्टल – नागरिकों को सरकार से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पदभार ग्रहण करने के मात्र दो महीने में ही इस पोर्टल को शुरू कर दिया।
Tech स्टार्टअप के लिए फंड – देश में तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने शुरू से ही बजट में विशेष प्रावधान किया।
डिजिटल क्लाउड – अफसरशाही से नागरिकों को मुक्त करने के लिए मोदी सरकार ने डिजिटल लॉकर्स की पहल की।
स्मार्ट सिटी – मोदी सरकार ने 100 स्मार्ट सिटी के विकास को मंजूरी दी थी। ये शहर अत्याधुनिक सभी सुविधाओं से लैस करने की योजना थी।

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वो भी समय था?

भाजपा ऐसी पार्टी है जो पारदर्शिता, तकनीकी विकास और अत्याधुनिक संसाधनों के उपयोग को बल देती रही है। 1995 से 1999 के बीच शिवसेना-भाजपा की युति सरकार थी। इस सरकार में नितिन गडकरी लोकनिर्माण मंत्री थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे, मुंबई में फ्लाई ओवर निर्माण को साकार किया। पार्टी अब उस काल से 20 वर्ष आगे है। अब जब भाजपा-शिवसेना की युति सरकार आई तो देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने। सूत्रों के अनुसार इस काल में भाजपा ने नए विकसित रूप में तकनीकी को अपनाया। भाजपा के कार्यालय में ‘वॉर रूम’ बना। जहां से एक-एक गतिविधि पर नजर और पार्टी की छवि सुधारने के लिए कार्य किया जाता था। सरकारी परियोजनाओं पर निगरानी के लिए स्वयंसेवकों का संघ बना। लेकिन सत्ता के जाते ही भाजपा मानो सब भूल गई और अब राज्य में दल का परिचय देनेवाला वेब पोर्टल ‘सस्पेंडेड’ और ‘पीडीएफ’ के बीच रह गया है।

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क्या कहते हैं नेता?
महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता से इस विषय में जानने की कोशिश की गई। जिस पर उन्होंने तुरंत जांच करके उत्तर देने की बात कही लेकिन उत्तर नहीं मिल पाया।

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